राज्य पोषण मिशन के अंतर्गत जिन नोडल अधिकारियों द्वारा दो-दो गांव गोद लिए गए हैं, उनकी बैठक विकास भवन सभागार में हुई।
सोमवार को विशेष सचिव अल्पसंख्यक कल्याण एवं मुस्लिम वक्फ विभाग उत्तर प्रदेश शासन मुहम्मद शफकत कमाल ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को नैतिक जिम्मेदारी निभाने का निर्देश दिया। कहा गांवों में सफाई का विशेष ध्यान दिया जाए। खराब हो चुके शौचालयों को फिर से चालू कराया जाए।
अधिकारियों को संबोधित करते हुए विशेष सचिव ने कहा कि कुपोषण एक समस्या और बीमारी है। इस समस्या को खत्म करने के लिए अधिकारी अपनी नैतिक जिम्मेदारी का निष्ठा के साथ पालन करें।
अधिकारी इस समस्या से निपटने के लिए दिल से कार्य करें। कहा कि कुपोषित बच्चों का वजन कराकर उनकी जो भी दवाएं एवं पोषाहार की जरूरत है उसे सुलभ कराया जाए।
कुपोषित 94 गांवों में विशेष सफाई के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया। कहा कि इन गांवों में जहां-जहां शौचालय कार्य नहीं कर रहे हैं, उन्हें चालू कराएं। जो भी अधिकारी इस कार्य में रुचि नहीं ले रहे, उनके खिलाफ शासन को पत्र लिखा जाए।
यह एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है और मानवीयता के लिए महत्वपूर्ण प्रयास है। कहा कि भारत में कुपोषण एक कलंक की भांति है। इसे दूर करने के लिए हर स्तर पर प्रयास होना चाहिए।
नोडल अधिकारी इन गांवों में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। कहा कि अधिकारी गांवों में इस योजना के तहत लोगों को समझाएं कि अगर कुपोषण खत्म हो गया। यहीं नहीं उनकी आने वाली पीढ़ियां भी स्वस्थ हो जाएंगी।