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बदहाली से दरक रही िश्ाक्षा की नींव

Tue, 29 Nov 2016 11:29 PM IST
ब्यूररो,अमर उजाला/मऊ
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शिक्षा विभाग कालोनी स्थित प्राथमिक स्कूल पर कोहरे और ठंड के बीच स्कूल परिसर में बाहर बैठाकर छात्र-छात्राओं का पढ़ाते शिक्षक।
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जिले की बेसिक शिक्षा व्यवस्था बदहाल और लाचार दिखी। ऊंची तनख्वाह पाने वाले परिषदीय बेसिक और जूनियर हाईस्कूल के अध्यापक स्कूलों में पढ़ाते नहीं अपितु एक जगह बैठकर बात करते दिखे। स्कूलों में छात्रों की संख्या काफी कम दिखी। बच्चों की संख्या काफी होने केे चलते नगर के कई स्कूल एकल मिले। एक ही शिक्षक एक से पांचवीं कक्षा तक के छात्रों को एक ही कमरे में बिठाकर पढ़ाते मिले। इन स्कूलों के बच्चों को जमीन पर टाट अथवा चटाई पर बैठाया गया था। स्कूलों में झाडू छात्रों से ही लगवाए जा रहे थे। 
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बेहद गरीब परिवारों के ही बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते देखे गए। शिक्षक एक तो समय से स्कूलों में पहुंचे ही नहीं थे, जो पहुंचे भी थे वे पढ़ाते नहीं अपितु एक जगह बैठकर गप्प हांकते दिखाई दिए। स्कूलों में फर्जी छात्र संख्या दर्शाकर पदों को बचाए रखा गया पाया गया है।

इन स्कूलों के अध्यापकों के एक भी बच्चे भी सरकारी स्कूूलों में नहीं पढ़ते मिले बल्कि उनके बच्चे कान्वेंट स्कूलों में पढ़ाते हैं। शौचालय हैं तो दरवाजे नहीं हैं, पानी की आपूर्ति भी नहीं। स्कूलों में वायरिंग तो थी लेकिन कनेक्शन नहीं था। कहीं विद्युुतीकरण था लेकिन कमरों में न पंखे थे और न ही बल्ब। कहीं पानी की सुविधा नहीं थी तो कहीं इंडिया मार्क हैंडपंप खराब हालत में। मंगलवार को लाइव रिपोर्टिंग में ऐसा ही दृश्य अधिकांश स्कूलों में देखने को मिला। अप्रैल से शुरू होने वाले स्कूलों में आठ माह बाद भी किताबें नहीं बंटी हैं। 
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