अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते भाकपा कार्यकर्ता। संवाद
मऊ। वामपंथी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं से कथित तौर पर निजी दस्तावेज मांगे जाने के विरोध में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने पुलिस और लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (एलआईयू) पर बिना लिखित आदेश के निजी जानकारी जुटाने और दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के बाद राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। भाकपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि 15 अगस्त के बाद, विशेष रूप से 17 अगस्त की रात से प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस वामपंथी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के घर पहुंच रही है।
उनसे निजी दस्तावेज उपलब्ध कराने का दबाव बनाया जा रहा है। आरोप है कि एलआईयू के लोग भी फोन कर व्यक्तिगत दस्तावेज मांग रहे हैं। ज्ञापन में कहा गया कि बिना किसी लिखित आदेश, नोटिस या पूर्व सूचना के पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की व्यक्तिगत जानकारी एकत्र की जा रही है। दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए दबाव और धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया। कार्यकर्ताओं के अनुसार आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक की प्रतियां, वंशावली समेत अन्य निजी दस्तावेज मांगे जा रहे हैं।
भाकपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक गणराज्य है और कानून का शासन सर्वोपरि है। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को कथित रूप से परेशान कर विरोध की आवाज दबाने के किसी भी प्रयास को स्वीकार नहीं किया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल से मामले में हस्तक्षेप कर बिना वैधानिक आधार के निजी दस्तावेज मांगे जाने पर रोक लगाने और संबंधित मामलों की जांच कराने की मांग की।