मऊ। जिले में कोरोना संक्रमण का असर महिला-पुरुषों पर अलग-अलग तरह से प्रभाव डाल रही है। कोविड-19 महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित पुरुष वर्ग हुआ है। जिले में बीते शुक्रवार तक मिले 2983 मरीजों में 70 फीसदी मरीज पुरुष है। जिले में पुरुषों की तुलना में महिलाएं जल्दी ठीक हो रहीं हैं। इसकी वजह है महिलाओं में ज्यादा प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) का होना। इतना ही नहीं संक्रमण से मरने वालों में भी पुरुष ज्यादा है।
हालांकि जिले में कोरोना संक्रमण का स्तर जिस तरह से बढ़ा, उसी तरह से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। वर्तमान में 2983 मरीजों में केवल 34 मरीज सक्रिय है। हालांकि ब्रिटेन में कोरोना संक्रमण में आए खतरनाक बदलाव के बाद कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने का अपील प्रशासन-स्वास्थ्य विभाग निरंतर कर रहा है।
जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2983 मरीजों में पुरुष मरीजों की संख्या 2098 है, जबकि महिला मरीजों की संख्या 885 है। जिले में अब तक संक्रमण से 39 मरीजों की मौत हुई है। महिलाओं के सापेक्ष पुरुषों के ज्यादा संक्रमित होने पर चिकित्सक पुरुषों की तुलना में महिलाओं में कोरोना के मुकाबले अधिक एंटीबॉडी होने के साथ उनके घरों से बाहर से कम निकलने की बात कह रहे है।
सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि जिले में महिलाओं में कोरोना वायरस कम सक्रिय है। यह पुरुषों की तुलना में जल्दी ठीक हो रहीं हैं। इसकी वजह है महिलाओं में ज्यादा इम्यूनिटी का होना। इसके अलावा कोरोना संक्रमण काल में संक्रमण के खतरे को देखते हुए महिलाएं के कम बाहर निकली है। जिससे वो संक्रमण के खतरे से पुरुषों के सापेक्ष ज्यादा सुरक्षित हैं। वहीं पुरुषों के संक्रमित होने में उनके द्वारा की जाने वाली लापरवाही बड़ा कारण है। कहा कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों में बहुत कम उम्र में ही दिल संबंधी और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां हो जाती हैं और ये किसी भी गंभीर बीमारी की संभावना को और बढ़ा देती हैं। पुरुषों में स्मोकिंग की ज्यादा लत भी कोरोना वायरस के संक्रमण को और खतरनाक बनाता है। इसके अलावा पुरुष सोशल डिसटेंसिंग का कम पालन करते हैं। यह घर से ज्यादा निकलते है ऐसे में इन्हें सामाजिक दूरी का पालन करना चाहिए ताकि वह सुरक्षित रह सकें।