कुसुम्हा (मऊ)। आपके गांव में विकास कार्यो को लेकर बैठक होती हैं क्या, बैठक में किस-किस मुद्दे को लेकर चर्चा होती हैं। कोरोना महामारी से निपटने के लिए कोई जागरूकता का कार्यक्रम का आयोजन किया गया हैं। यह सवाल शनिवार को डीएम ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी ने इब्राहिमाबाद गांव के औचक निरीक्षण में ग्रामीणों से किया। डीएम के सवालों के जवाब में ग्रामीणों से जवाब में न सुनने पर डीएम ने एडीओ पंचायत के साथ ग्राम प्रधान पर नराजगी जताई।
शनिवार की दोपहर साढ़े तीन बजे जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी दोहरीघाट ब्लाक के इब्राहिमाबाद गांव पहुंचे। गांव में पहुंचते ही ग्रामीणों को बिना मास्क के घूमते देखकर नराज हुए और ग्रामीणों को मास्क पहनने के लिए प्रेरित करते हुए खुद के साथ लाए मास्कों को उनके बीच वितरित किया। इसके बाद वह गांव के दलित बस्ती पहुंचे। यहां बनाए गए सीसी रोड तथा नाली निर्माण के कार्यो ची जांच की। इस दौरान क्षतिग्रस्त नाली तथा कुछ ही हिस्सों पर नाली को ढंकने के लिए रखे पटिया तथा पास में गदंगी का अंबार देखकर नाराज होते हुए इसे तुरंत साफ कराने का निर्देश दिया। इसके बाद उन्होंने महिलाओं तथा ग्रामीणों से शौचालयों के बारें में जानकारी ली।
इस दौरान गांव में विकास को लेकर होनी वाली बैठक तथा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समूह गठन आदि की जानकारी ली। खुली बैठक तथा समूह गठन न होने की जानकारी पर डीएम नेे नराजगी जताते हुए इस खामि को दूर कराने का निर्देश दिया। इस दौरान डीएम ने ग्रामीणों को सहजन के पेड़ नके महत्व के बारे में जानकारी दी। बताया कि सहजन के पत्ते का चूर्ण बनाकर बाजारों में बेचा जा सकता है।
निर्देश दिया कि गांव के महिलाओं को सहजन से बनने वाले पदार्थो के साथ सिलाई, मोमबत्ती, अगरबत्ती बनाने के लिए प्रशिक्षण दे।इस मौके पर सीडीओ राम सिंह वर्मा, डीपीआरओ घनश्याम सागर, एडीपीआरओ संजय मिश्रा, ग्राम प्रधान रेखा देवी, एसडीएम घोसी आशुतोष कुमार राय, एडीओ पंचायत नंद कुमार राय आदि मौजूेद रहे।