मऊ। कोरोना वायरस से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। विभाग की टीम ईरान से आए पांच सहित आठ लोगों की निगरानी कर रही है। इन सभी को ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। वायरस की रोकथाम और बचाव की बाबत भी लोगों को जानकारी दी जा रही है।
कोरोना वायरस को लेकर जिला अस्पताल में दस बेड का एक वार्ड सुरक्षित रखा गया है। बीते दिनों ईरान से पांच लोग लौटे हैं। केंद्र सरकार से जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने इन्हें निगरानी में ले लिया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से गठित रैपिड रिस्पांस टीम और डब्लूएचओ के सदस्य और एक मेडिकल टीम को इन लोगों की देखरेख में लगाया गया है। अधिकारियों के अनुसार इन लोगों में कोई लक्षण नहीं पाया गया है। हालांकि 28 दिन तक इनकी निगरानी की जाएगी। इसके पहले 11 फरवरी को चीन से लौटे तीन लोगों की विभाग निगरानी रख रहा है। विभाग ने इन लोगों की पहचान गोपनीय रखी है। सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि ईरान से लौटे लोगों की निगरानी की जा रही है। जांच में उनमें कोई लक्षण नहीं पाया गया है।
लखनऊ में जांच की व्यवस्था
मऊ। सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस की जांच की सुविधा जिले में नहीं है। ऐसे में किसी व्यक्ति में कोरोना वायरस का लक्षण दिखने पर उसे मेडिकल टीम की देखरेख में रखा जाएगा, साथ ही जांच के लिए सैंपल भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने पर मरीज को उसके रोग के अनुसार दवा दी जाएगी।
बचाव के उपाय
मऊ। स्वास्थ्य विभाग के महामारी रोग के प्रभारी डॉ. रविशंकर ओझा ने बताया कि कोरोना वायरस के लक्षण अचानक बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ है। बताया कि इससे बचाव के लिए खुले हवादार कमरे में अलग रखना चाहिए। अगले 14 दिनों तक संपर्क सीमित रखने के साथ ट्रिपल मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए। खांसते या छींकते समय मुंह पर कपड़ा लगाना चाहिए। बचाव के तौर पर परिवार के सदस्यों को भी मास्क लगाना चाहिए। बातचीत करते समय उचित दूरी रखें। साफ-सफाई पर ध्यान दें। भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर न जाएं।