अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक दीप नारायण तिवारी ने चाय में नशीला पदार्थ पिलाकर बंधक बनाने तथा बच्चे को जान से मारने की धमकी देकर दुष्कर्म करने के मामले में नामजद चार लोगों में सुनवाई के बाद सोनू मद्धेशिया को दोषी पाया।
उसे 10 वर्ष की सजा के साथ कुल 7 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया। अर्थदंड न देने पर 1 वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साथ ही अर्थदंड जमा होने पर संपूर्ण राशि पीड़िता को देने का आदेश दिया गया।
वहीं तीन आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए आरोपमुक्त कर दिया गया। मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, पीड़िता की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई थी।
आरोप था कि आरोपी शहर कोतवाली क्षेत्र के मलिक ताहिरपुरा निवासी सोनू मद्धेशिया 5 अगस्त 2010 की सुबह लगभग 9 बजे पीड़िता तथा उसके चार वर्षीय बच्चे को अपने साथ लेकर गया।
रास्ते में चाय में नशीला पदार्थ पिलाकर उसे बेहोश कर दिया गया। होश आने पर पीड़िता अपने को वाराणसी में पाई गई। आरोप है कि आरोपी ने बच्चे को जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
आरोपी ने पीड़िता को 5 अगस्त 2010 से 3 सितंबर 2010 तक विभिन्न स्थानों पर रखकर दुष्कर्म किया। पुलिस ने मामले की विवेचना कर सोनू, नंदू मद्धेशिया, अजीत उर्फ पिंटू तथा नंदराजी पत्नी नंदू मद्धेशिया के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
न्यायालय में अभियोजन की ओर से एडीजीसी फौजदारी ने आठ गवाहों को प्रस्तुत कर पक्ष रखा। बचाव पक्ष ने कहा कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है।
अपर सत्र न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्कों एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण नंदू मद्धेशिया, अजीत उर्फ पिंटू और नंदराजी को संदेह का लाभ देते हुए आरोपमुक्त कर दिया।
वहीं सोनू मद्धेशिया को जान से मारने की धमकी देने, निरुद्ध रखने और दुष्कर्म के मामले में दोषी पाया। दोषी को दुष्कर्म के मामले में 10 वर्ष की सजा और 5 हजार रुपये अर्थदंड, धमकी देने के मामले में 1 वर्ष की सजा और 1 हजार रुपये अर्थदंड तथा निरुद्ध रखने के मामले में 6 माह की सजा और 1 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।