गत सोमवार को जिले के विभिन्न इलाकों में हुई बारिश के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिला है। इसके चलते अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।
वहीं पिछले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में लगभग पांच डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई है।
आसमान में बादल छाए रहने और वातावरण में नमी बढ़ने से लोगों को गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन उमस के कारण परेशानी बनी रही। मंगलवार को तड़के से ही आसमान में घने बादल छाए रहे।
दिन में हल्की धूप निकलने के बावजूद नमी अधिक रहने से मौसम में चिपचिपाहट महसूस की गई। मंगलवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
आर्द्रता 78 प्रतिशत रही, जबकि हवा की गति लगभग 8 किलोमीटर प्रति घंटा रही। वहीं सोमवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। उस दिन आर्द्रता 63 प्रतिशत रही।
मौसम में लगातार बदलाव के कारण खांसी, जुकाम, बुखार और सांस संबंधी समस्याओं के मरीजों की संख्या बढ़ने की बात सामने आ रही है। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि अगले एक से दो दिन में मानसून सक्रिय हो सकता है। मौसम अनुकूल होते ही क्षेत्र में धान की रोपाई भी शुरू हो गई है।
कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि मौसम विभाग ने एक से दो दिन में मानसून सक्रिय होने की संभावना जताई है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि धान की रोपाई के 25 दिन बाद खरपतवार नाशी दवा का छिड़काव करें।
तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
तारीख
अधिकतम न्यूनतम
30 जून
34
28
29 जून 36
29
28 जून 37
29
27 जून
39
30
26 जून
38
31
25 जून
40
31
24 जून
41
30