संवाद न्यूज एजेंसी
मऊ। जिले में लगातार 18 घंटे बारिश से नगर पालिका और नगर पंचायत के व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। निकासी नहीं होने से सड़कों पर दो फीट तक पानी भर गया। शहर की सड़कों और मुहल्लों में जहां पानी भर गया। जिला अस्पताल के परिसर में भी जलभराव से मरीजों और उनके परिजनों को जहां परेशानी हुई वहीं एक निजी अस्पताल के कॉरिडोर में भी पानी भर गया।
शुक्रवार सुबह से शुरू हुई बारिश शनिवार सुबह दस बजे जाकर थमी। 18 से 20 घंटे की बारिश ने जिले में जलभराव से अव्यवस्था की स्थिति बना दी, पहली बार लगातार इतने देर तक बारिश से जिला अस्पताल के परिसर में दो फीट तक पानी जमा हो गया। जबकि एक निजी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के गलियारे तक पानी पहुंच गया। दोहरीघाट में रोडवेज कीी जर्जर दीवार तो मधुबन में एक ग्रामीण का मकान ढह गया। उधर बारिश के चलते नौ ब्लॉकों में बिजली आपूर्ति बेपहरी हो गई। अक्तूबर के पहले दिन से बारिश ने तीसरे दिन आफत बनकर जिले में बरसी।
बारिश के चलते नगर के भीटी, निजामुद्दीनपुरा, मुंशीपुरा, रघुनाथपुरा, महरनिया सहित निचले इलाकों मेें जलभराव के चलते लोगों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ा। गड्ढे में तब्दील संपर्क मार्गों पर जलभराव से लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
सबसे ज्यादा बारिश से बदतर स्थिति नगर के वार्ड 22 इमलिया में दिखा। यहां मुख्य मार्ग पर तीन से चार फीट तक पानी भरने के चलते इस मार्ग पर बने निजी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड तक पानी पहुंच गया था। उधर, जलभराव के बीच से वाहन चालकों काफी कठिनाई हुई। बीस घंटे लगातार बारिश से विभिन्न इलाकों में शनिवार को दिन भर जनजीवन प्रभावित रहा। सड़कों पर सन्नाटा की स्थिति रही।
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जलभराव से खुल गई नगर पंचायत की पोल
कोपागंज। मंगलवार की सुबह से शुरू हुई बारिश ने नगर पंचायत की तैयारियों के दावों की पोल खोल दी। जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए कोपागंज नगर पंचायत में करोड़ों रुपये खर्च किए था। लेकिन बारिश ने दावों की पोल खोलकर रख दी। बारिश से कोपागंज बाजार के लगभग सभी मुहल्लों जलमग्न हो गईं। चौक से लेकर चमन रोड तक, गौरी शंकर मंदिर तक चारों तरफ पानी ही पानी था। यही नहीं कई दुकानों में भी पानी घुसने से लोगों को काफी नुकसान पहुंचा।
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12 घंटे गुल रही पिपरीडीह में विद्युत
पिपरीडीह। परदहां ब्लॉक के कोटवां विद्युत उपकेंद्र से पिपरीडीह भार रैकवारेडीह, ओन्हाईच, खरगजेपुर सरेजा, गढिया सहित 30 से अधिक गांवों में शुक्रवार शाम आठ बजे से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। यह आपूर्ति महलीपुर के पास तेज हवा और बारिश के कारण एक विशाल पेड़ तार पर गिर जाने के चलते प्रभावित हुई। उधर, बारिश से पिपरीडीह रेलवे स्टेशन की पटरी पर लगा बारिश का पानी जमा हो गया।
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धान की फसल के लिए फायदेमंद तो सब्जियों के लिए नुकसानदायक
रामपुर बेलौली। मधुबन के कांठतराव निवासी रामप्रसाद मौर्या और खिरीकोठा निवासी राम नारायण मल्ल ने बताया कि धान की फसल के लिए बारिश ने संजीवनी का काम किया, वहीं सब्जियों की खेती को भारी नुकसान पहुंचाया। बारिश से फूलपुर निवासी रमाशंकर शर्मा की कच्ची दीवार गिर गई। रमाशंकर शर्मा ने बताएं कि दीवार गिरने से पहले ही सभी सामान निकाल लिया था।
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रोडवेज परिसर की जर्जर दीवार गिरी
दोहरीघाट। रोडवेज परिसर की 60 मीटर जर्जर दीवार बारिश का दबाव सह नहीं सकी। भरभरा कर गिर गई। गनीमत यही रहा कि उस समय कोई दीवार के पास नहीं था। नहीं तो भयंकर दुर्घटना हो सकती थी। दीवार गिरने की खबर से रोडवेज परिसर में खलबली मच गई। विदित हो कि एक लंबे अरसे से रोडवेज के कायाकल्प की मांग होती आ रही है। बजट स्वीकृत हो जाने के बाद भी रोडवेज परिसर का कायाकल्प नहीं हो सकी है। ..........
बारिश से किसानों के चेहरों पर मुस्कान, अगेती धान पर संकट के बादल
बढुआ गोदाम। अक्तूबर के पहले सप्ताह में हुई तेज बारिश किसानों के लिए मिला जुला अनुभव लेकर आया। खेतों में नमी आने से जहां धान की फसलों की पैदावार बढ़ेगी, वहीं कुछ किसानों के लिए यह बारिश चिंता का कारण भी बन गई है। बीज विज्ञान संस्थान कुशमौर के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि बारिश से सबसे अधिक लाभ उन किसानों को हुआ है, जिन्होंने एमटीयू 7029, बीपीटी 5204, चिंटू, दफ्तरी, काला नमक, बंगाल जूही जैसी लंबी अवधि के धान की प्रजातियां लगाई हैं। पर्याप्त नमी मिलने से इन फसलों की उपज में इजाफा होगा। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने दलहन और तिलहन फसलों की बोआई के उद्देश्य से अगेती धान की किस्में लगाई हैं, उनके लिए यह बारिश हानिकारक हो सकती है। पक चुकी धान की फसल पर अधिक बारिश होने से गिर कर पौधों के सड़ने का खतरा है। लगातार एक सप्ताह तक बारिश हुई तो इससे सरसों, आलू, मटर और चना जैसी रबी फसलों की बोआई में देरी हो सकती है। इसके साथ ही अगेती धान की पैदावार में 10 से 20 प्रतिशत तक की पैदावार में कमी की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता।
नगर के वार्ड 22 इमलिया का मुख्य मार्ग पर भरा पानी के बीच से गुजरते बाइक चालक और वाहन चालक
नगर के वार्ड 22 इमलिया का मुख्य मार्ग पर भरा पानी के बीच से गुजरते बाइक चालक और वाहन चालक