मऊ। बीते विधानसभा आमचुनाव चुनाव के दौरान नफरती भाषण सहित चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन के कुल तीन मामलों में आरोपी विधायक अब्बास अंसारी की बुधवार को कासगंज जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी हुई। इस दौरान नफरती भाषण के मामले में गवाह आरक्षी बलवंत कुमार का बयान दर्ज हुआ, आरोपियों की ओर से जीरह की गई, जीरह पूरी नहीं हो सकी। सीजेएम ने नफरती भाषण के मामले मे 30 अक्तूबर और दो मामलों में 6 नवंबर की तारीख दी। इसमें दो मामला शहर कोतवाली और एक दक्षिणटोला थाना क्षेत्र का है।
पहला मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। मामले में अभियोजन के अनुसार एसआई गंगाराम बिंद की तहरीर पर शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई। इसमें सदर विधायक अब्बास अंसारी व अन्य को आरोपी बनाया गया। आरोप था कि 3 मार्च 2022 को विधानसभा चुनाव के दौरान सदर विधानसभा सीट से सुभासपा के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे अब्बास अंसारी ने मऊ के प्रशासन को चुनाव के बाद रोककर हिसाब किताब करने व इसके बाद सबक सिखाने की धमकी मंच से दी गई थी।
दूसरा मामला दक्षिण टोला थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार तत्कालीन निरीक्षक पंकज कुमार सिंह की तहरीर पर 12 फरवरी 2022 को चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी। मामले में पुलिस ने विवेचना कर अब्बास अंसारी, उमर अंसारी, साकिब लारी,शाहिद लारी,इशराईल अंसारी और रमेश राम के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया है। सीजेएम ने आरोपियों का बयान के लिए 6 नवंबर की तिथि नियत किया।
तीसरा मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। मामले मेंं अभियोजन के अनुसार एसआई राजेश कुमार वर्मा की तहरीर पर एफआईआर हुई। आरोप है कि 27 फरवरी 2022 को विधानसभा चुनाव के दौरान सुभासपा प्रत्याशी अब्बास अंसारी ने बिना अनुमति के राजाराम पुरा से लेकर भरहु का पूरा तक रोड शो निकाला था। मामले में सीजेएम ने मामले में 6 नवंबर की तिथि नियत किया।