जिला सहकारी बैंक लि. की प्रबंध समिति के सभापति के विरुद्घ अविश्वास प्रस्ताव अपेक्षित दो तिहाई सदस्य संख्या पूरी न होने से गिर गया। इससे उनकी कुसी बच गई। शनिवार को एसडीएम सदर के सामने उन्होंने बहुमत हासिल किया।
प्रबंध समिति के सभापति कन्हैया लाल मौर्य के विरुद्घ नौ संचालक सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव जिलाधिकारी को दिया था। दो तिहाई सदस्य की अपेक्षित संख्या होने पर जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने अविश्वास प्रस्ताव की जांच के लिए एसडीएम सदर को निर्वाचन अधिकारी का दायित्व सौंपा था। सभापति लक्ष्मण मौर्य को अपना बहुमत साबित करना था।
जिन नौ सदस्यों ने सभापति के विरुद्घ अविश्वास प्रस्ताव दिया था, उनमें से एक सदस्य शनिवार के मतदान में उपस्थित नहीं हुआ। जबकि उपसभापति फतेहबहादुर सिंह, चंद्रशेेखर सिंह, हरेंद्र सिंह, मुुखराम ने अविश्वास प्रस्ताव के विरुद्घ मतदान किया। इसके चलते अपेक्षित सदस्य संख्या पूरी न होने से अविश्वास प्रस्ताव गिर गया। और सभापति लक्ष्मण मौर्य की कुर्सी सलामत रह गई।
सपा नेता मुसाफिर यादव, विजयशंकर यादव, रोहित यादव, शिक्षक नेता अंजनी कुमार सिंह, लालधर सिंह, शिवबली सिंह, पवन सिंह और विकास मौर्य आदि ने सभापति को बधाई दी है।