जिलाधिकारी ने शनिवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में प्रधानमंत्री आवास योजना की तहसीलवार व निकायवार लंबित सत्यापन रिपोर्ट की समीक्षा की। तहसील सदर में कुल 9127 आवेदन लंबित हैं, जबकि नगर निकाय मऊ में 6309, अदरी में 24, कोपागंज में 710 और कुर्थीजाफरपुर में 400 आवेदन लंबित पाए गए।
इसी प्रकार तहसील घोसी में कुल 674 आवेदन लंबित हैं, जबकि नगर निकाय अमिला में 387 और घोसी में 78 आवेदन लंबित हैं। तहसील मधुबन में 345 तथा नगर निकाय मधुबन में 399 आवेदन लंबित मिले।
तहसील मुहम्मदाबाद गोहना में कुल 1820 आवेदन लंबित हैं, वहीं नगर निकाय चिरैयाकोट में 200, मुहम्मदाबाद गोहना में 278, वलीदपुर में 150 तथा नगर निकाय मऊ के वार्ड नंबर 4 में 568 आवेदन लंबित पाए गए।
जिलाधिकारी ने सभी नगर निकायों व तहसीलों को निर्देशित किया कि लंबित आवेदनों की पात्रता/अपात्रता का निर्धारण सावधानीपूर्वक, निष्पक्षता के साथ और यथाशीघ्र किया जाए। पात्रता की शर्तें गाइडलाइन में स्पष्ट हैं आय तीन लाख रुपये से कम हो, कहीं पक्का मकान न हो, नगर निकाय में 21 वर्ग मीटर भूमि उपलब्ध हो तथा जमीन विवादित या ग्रीनफील्ड में स्थित न हो।
जिलाधिकारी ने लेखपालों को निर्देशित किया कि किसी भी दबाव में लाभार्थियों को परेशान न किया जाए। यदि किसी लाभार्थी से किसी भी प्रकार के पैसों के लेन-देन की शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित के विरुद्ध तत्काल कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जियोटैगिंग के दौरान यदि यह पाया जाता है कि किसी पात्र को अपात्र या अपात्र को पात्र घोषित किया गया है, तो उसकी तत्काल सूचना अपर जिलाधिकारी को देते हुए संबंधित जांचकर्ता के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई प्रस्तावित की जाए।
परियोजना अधिकारी डूडा अरविंद पांडेय ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत जनपद में कुल 41,698 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से अब तक 20,249 आवेदनों की जांच हो चुकी है। इनमें 10,509 लाभार्थी पात्र पाए गए हैं और 9,755 अपात्र घोषित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि लाभार्थी अपने आवास के पांच चरणों का जियोटैग स्वयं भी कर सकते हैं। किसी प्रकार की सहायता के लिए सीएलटीसी के मोबाइल नंबर 9151999272 पर संपर्क कर समस्याओं का निस्तारण कराया जा सकता है।