कई बार तो बिना जानकारी के पैमाइश की रिपोर्ट भी लगा दी गई है। तियारा गांव निवासी शिवकुमार चौहान ने शिकायत किया कि उनकी जमीन में विपक्षी जबरदस्ती कब्जा कर रहे हैं। स्थानीय पुलिस और राजस्व अधिकारियों को सूचना और शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई।
सदर तहसील में 73 प्रार्थनापत्र मिले, इनमें से छह का मौके पर निस्तारण कराया गया। चार के लिए टीम गठित कर भेजी गई। इनमें राजस्व के 38, विकास के 11 और पुलिस के 9 और अन्य 15 मामले थे। घोसी तहसील में मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव सुनवाई कर रहे थे। इस दौरान 77 शिकायतें मिलीं। पांच का मौके पर निस्तारण कराया गया।
सर्वाधिक 53 शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित रहीं। इसके अलावा पुलिस विभाग के 12, ब्लॉक के 6, नगर पंचायत के 2, विद्युत विभाग के 3 तथा अन्य विभागों के 3 मामले दर्ज किए गए। शिकायतों की संख्या अधिक होने के कारण अधिकांश मामलों को विभागीय जांच के लिए भेजा गया।