नगर सहित ग्रामीण इलाकों में सर्द हवाओं ने कहर बरपाया हुआ है। शनिवार को अपराह्न बाद कुछ देर के लिए निकली धूप के बाद भी राहत नहीं मिली। पहाड़ों से टकराकर आती बर्फीली हवाओं के चलते लोग दिन भर ठिठुरते रहे।
ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से पहले से ही 11 जनवरी तक आठवीं कक्षा तक चलने वाली शिक्षण संस्थाएं बंद कर दी गई हैं। ठंड के चलते ट्यूशन पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
भीषण ठंड के बाद भी जिले के सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलवाने की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। शनिवार को मध्याह्न बाद थोड़ी देर के लिए भगवान भास्कर के दर्शन हुए, लेकिन फिर बादलों के बीच छिप गए।
सबसे परेशानी रेलवे तथा रोडवेज पर ट्रेनों तथा बसों की प्रतीक्षा करने वाले यात्रियों को हो रही है। देर रात तक चहल पहल रहने वाले बाजारों में शाम सात बजे तक सन्नाटा पसर जा रहा है।
ठंड से आधा दर्जन से अधिक लोगों की मौत भी हो चुकी है। विभिन्न क्षेत्रों के टैक्सी स्टेंडों, बस स्टेशन सहित विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर प्रशासन की ओर से अलाव जलाने की जहमत तक नहीं उठायी जा सकी है।
अलाव जलवाने के लिए सभी तहसीलों को 50-50 हजार रुपया भी जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं की जा सकी है।
घोसी संवाददाता के अनुसार कस्बा और आसपास के बाजारों में शीतलहर का प्रकोप जारी है। इसके बाद भी सार्वजनिक स्थलों पर अलाव नहीं जलाए जा रहे।
घोसी नगर के बस स्टेशन, तहसील पकड़ी मोड़, बड़ागांव बाजार, नीम तले, करीमुद्दीनपुर, मझवारा मोड़, रेलवे स्टेशन रोड, कसबा बाजार, पिढ़वल मोड़, सुल्तानपुर आदि स्थानों पर अलाव नहीं जलवाए जाने से लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस के इंतखाब आलम, डा. वकार, नूर मोहम्मद, भाजपा के डॉ. नागेंद्र सिंह, मनोज साहनी ने बताया कि भीषण ठंड पड़ने के बाद भी अलाव नहीं जलवाया जा रहा है। इसके चलते गरीबों, मजदूरों को ठंड में ठिठुरना पड़ रहा है।