मऊ। शीतलहर और कोहरे का प्रकोप बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। शीतलहर के बीच सर्द हवा चलने से भीषण ठंड का प्रकोप शुरू हो गया है। अपराह्न बाद तक धूप नहीं दिखाई दिया। लोग अलाव का सहारा लेने को मजबूर रहे। ठंड की वजह से कुछ लोग घरों में ही दुबके रहे। कई ट्रेेनोंं के विलंब से चलने की वजह से प्लेटफार्म पर लोग कांपते नजर आए। इसके बाद भी जिले के ग्रामीण इलाकों के सार्वजनिक स्थलों पर अलाव नहीं जलवाया जा सका है। जिले मेंं शीतलहर का प्रकोप जारी रहने से लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि आठ किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही थी। ट्रेनों के विलंब से चलने की वजह से प्लेटफार्म पर प्रतीक्षारत यात्रियोंं के लिए एक-एक पल बिताना भारी पड़ रहा था। ट्रेनों की गति धीमी होने से लोग निर्धारित समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। प्रमुख कस्बा, बाजार, चट्टियों पर हमेशा चहल पहल रहने की जगह शाम होते ही सन्नाटा पसर जा रहा है। ठंड के खौफ से पटरी दुकानदार भी शाम पांच बजते ही अपनी दुकान समेटकर घरों की ओर रवाना हो जा रहे हैं। इसके बाद भी सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने का काम कागज पर ही चल रहा है।
फसल पर रोग लगने का बढ़ा खतरा
शीतलहर का प्रकोप जारी रहने से गेहूं, तिलहनी, दलहनी सहित अन्य फसलों पर असर पड़ने की चिंता किसानाें को सताने लगी है। आलू में झुलसा का प्रकोप तथा सरसों, मटर में कीटों का खतरा बढ़ गया है। जनपद में गेहूं की बुआई लगभग 90 हजार हेक्टेयर में हुई है। शीतलहर पड़ने के चलते कई दिनों से धूप निकल ही नहीं रही है। इसके चलते फसल पर असर पड़ने की चिंता किसानों को सता रही है। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो धूप न निकलने से प्रकाश संश्लेषण की क्रिया नहीं हो पाती है। इससे फसल पर विपरीत असर पड़ता है। इस संबंध में किसान रविंद्र प्रसाद, जयनारायण यादव, महेंद्र शर्मा का कहना था कि दहलनी, तिलहनी और आलू की फसल में रोग लगने से लागत डूबने की संभावना बढ़ गई है। अब कुछ समझ में नहीं आ रहा है। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी सोमप्रकाश गुप्ता का कहना है कि किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। धूप न निकलने से गेहूं, तिलहनी, दलहनी सहित अन्य फसलों पर असर पड़ सकता है। गेहूं की फसल में पहली सिंचाई 21-30 दिन के अंतराल पर सिंचाई कर देनी चाहिए। दलहनी और तिलहनी फसलों में अगर सिंचाई नहीं हुई है तो आवश्कतानुसार हल्की सिंचाई करें। कृषि विशेषज्ञों से परामर्श लेते रहें।
यात्री प्रतीक्षारत में ताला लटकने से बेहाल रहे यात्री
बृहस्पतिवार को रोडवेज परिसर में अलाव की व्यवस्था न होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यही नहीं यात्री प्रतीक्षालय में ताला लटकने के चलते यात्रियों को सर्द हवा में बसों की प्रतीक्षा करना एक-एक पल बिताना मुश्किल हो रहा था। इस संबंध में गोरखपुर जाने के लिए बस की प्रतीक्षा कर रहे यात्री सुरेंद्र कुमार, रविंद्र वर्मा का कहना था कि ठंड के मौसम में यहां यात्री सुविधा बहाल तक नहीं की जा सकी है। यात्री प्रतीक्षालय की सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। हमेशा ताला लटका रहता है।
देरी से पहुंची नौ से अधिक ट्रेनें
बढ़ती ठंड में ट्रेनों की लेटलतीफी से रेल यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को नौ से अधिक ट्रेनें निर्धारित समय से लेट रहीं। गोरखपुर से मुंबई जाने वाली काशी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से साढ़े सात घंटे और मुंबई से आने वाली एक घंटे देरी से मऊ जंक्शन पर पहुंची। गोदान एक्सप्रेस चार घंटे, ताप्ती गंगा पांच घंटे, गोदान एक्सप्रेस चार घंटे, दादर सेंट्रल एक्सप्रेस एक घंटा, प्रयागराज रामबाग मेमू एक घंटा, मुंबई लोकमान्य तिलक, वाराणसी इंटरसिटी एक्सप्रेस, भटनी वाराणसी एक्सप्रेस, वाराणसी सिटी एक्सप्रेस 30 मिनट देरी से पहुंची।
शीतलहर में तापमान तिथिवार
18 जनवरी 2024
अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस
18 जनवरी 2023
अधिकतम 18 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम 6 डिग्री सेल्सियस
18 जनवरी 2022
अधिकतम 19 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस
18 जनवरी 2021
अधिकतम 22 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम 9 डिग्री सेल्सियस
18 जनवरी 2020
अधिकतम 21 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम 12 डिग्री सेल्सियस