दिसंबर के 15 दिन बीत गए। ऐसे में ठंड को देखते हुए प्रशासन की ओर से गरीबों को ठंड से बचाने की कवायद नहीं शुरू की गई। न तो अलाव का इंतजाम किया गया है और न ही रैन बसेरों का। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी से ठंड बढ़नी शुरू हो गई है। लेकिन गरीबोे को इससे बचाने की कवायद अभी तक नहीं की गई। जिला से लेकर नगरपालिका और नगर पंचायत पूरी तरह उदासीनता बरत रही।
नगरपालिका सहित जिले में मुहम्मदाबादगोहना, मधुबन, दोहरीघाट, अदरी, घोसी, कोपागंज, चिरैयाकोट, अमिला, वलीदपुर नगर पंचायतें हैं। शासन की तरफ से ठंड से बचाव के मद्देनजर सभी सुविधाओं को बहाल करने का फरमान जारी किया गया था। लेकिन दिसंबर माह के 15 दिन बीत गए। लेकिन गरीबों को ठंड से बचाव के लिए कोई उपाय नहीं किए जा सके हैं। पालिका प्रशासन की तरफ से कंबल वितरण तथा रैन बसेरा में सुविधाएं बहाल करने के लिए कागजी प्रक्रिया चल रही है। जिला अस्पताल तथा ब्रह्मस्थान में रैन बसेरा तो है, लेकिन रजाई, कंबल, गद्दा की व्यवस्था तक नहीं है। ब्रह्मस्थान स्थित रैन बसेरा में ताला लटका है। यही हाल नगर पंचायतों की भी है।
उधर बर्फीली हवा के चलने से ठंड से लोग बेहाल रहे। बावजूद इसके जिला अस्पताल, गाजीपुर तिराहा, ब्रह्मस्थान, चौक, बालनिकेतन, सहादतपुरा, मुंशीपुरा आदि सार्वजनिक स्थलों पर अलाव न जलने से रिक्शा, ठेला, खोमचा चलाने वाले तथा फुटपाथ पर जिंदगी गुजारने वालों की स्थिति बद से बदतर हो गई है।
इस बाबत अपर जिलाधिकारी डीपी पाल का कहना है कि नगरपालिका तथा नगर पंचायतों में रैन बसेरा में सुविधाएं बहाल करने तथा सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलवाने के लिए आदेश दिया गया है।