मुख्यमंत्री ने सक्षम लोगों से जनपद के औद्योगिक विकास के लिए आगे आने को कहा। भरोसा दिया कि सरकार ढांचागत मूल सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। उन्होंने गांव से लेकर नगर पंचायत तक औद्योगिक विकास में सहभागिता के लिए लोगों से आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मऊ पंडित श्याम नारायण पांडेय की जन्मभूमि है, जिन्होंने अपनी रचना हल्दी घाटी के माध्यम से स्वाभिमान जगाया था। कहा कि उन्होंने पांच साल में 15 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। एक करोड़ 61 लाख युवाओं को योजनाओं के माध्यम से रोजगार सुलभ कराया है।
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इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद मऊ में 204 करोड़ की 47 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और
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मऊ और बलिया जनपद में मेडिकल कालेज की स्थापना के लिए जिला प्रशासन को आदेशदिया गया है। भूमि उपलब्ध होते ही प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी। सीएम ने बताया कि ग्रामीण अंचल का कोई व्यक्ति अगर अपने पूर्वजों के नाम पर सड़क, भवन, बरात घर, पार्क के लिए भूमि उपलब्ध कराता है तो उसके निर्माण के लिए सरकार की तरफ से 50 प्रतिशत धन की व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सड़कें केवल आवागमन का साधन ही नहीं, बल्कि विकास का माध्यम भी होती हैं। बताया कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे क्लस्टर बनाकर रोजगार के अवसर प्रदान करने की योजना है। इससे मऊ, आजमगढ़ व बलिया के युवाओं को रोजगार सुलभ होगा। कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे बन जाने से मऊ से लखनऊ पहुंचने का समय आधा हो गया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र, चेक और आवास की चाभियां प्रदान कीं।
इसके बाद वह राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान और रोडवेज का स्थलीय निरीक्षण करने गए। इसके पूर्व प्रदेश के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने कहा कि जनपद की स्वदेशी कॉटन मिल और परदहां स्पीनिंग मिल पूर्व के सरकारों की उपेक्षा के चलते दो दशक से बंद है। इस अवसर पर एमएलसी धर्मेंद्र सिंह, यशवंत सिंह, विक्रांत सिंह ‘रीशू’, विधायक रामविलास चैहान, जिला पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार राय, जिलाध्यक्ष प्रवीण गुप्ता आदि उपस्थित रहे।