मंडलायुक्त एमकेएस सुंदरम ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में कलेक्ट्रेट में गंदगी और रेकार्ड रूम में पत्रावलियों और अभिलेखों का रखरखाव काफी खराब मिला, जिसे ठीक करने की हिदायत दी गई।
इसके अलावा परदहां खंड विकास कार्यालय भी गए। जहां पर डीएम के आदेश के बावजूद निरीक्षण रिपोर्ट दर्शाई गई नहीं पाई गई। लापरवाही पर डीएम ने ब्लाक के लिपिक को निलंबित कर दिया।
मंडलायुक्त सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचे, संयुक्त कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान कर्मचारियों की सेवा पुस्तिकाओं पर विभागाध्यक्षों के हस्ताक्षर नहीं दिखे।
कर्मचारियों के जीपीएफ पासबुक अपटूडेट नहीं किए गए थे। मंडलायुक्त ने इस पर नाराजगी जताते हुए इन्हें अद्यतन करने के निर्देश दिए। इसके बाद वे अभिलेखागार में गए।
वहां पर विभिन्न प्रकार के कागजातों के नकल दिए जाने के संबंध में जानकारी ली और उससे संबंधित अभिलेखों को चेक किया। जांच में रजिस्टरों और अभिलेखों का रखरखाव ठीक नहीं पाया।
कलेक्ट्रेट में कमिश्नर ने कंप्यूटर कक्ष, शिकायत कक्ष, नजारत सहित डीएम, एडीएम, सीआरओ, उप संचालक चकबंदी, एसओसी के न्यायालयों का निरीक्षण किया।
यहां पर विभिन्न स्थानों पर गंदगी देख हिदायत दी, गंदगी करने वालों पर पांच सौ रुपयों का जुर्माना वसूला जाय और इसकी रिपेार्ट उन्हें अगली बैठक में अवश्य प्रस्तुत की जाए। इसके उपरांत कमिश्नर परदहां विकास खंड गए।
निरीक्षण के बाबत डीएम द्वारा दिए गए निर्देश का अनुपालन नहीं करने पर लिपिक अब्दुल गनी पर गाज गिरी। जिलाधिकारी ने ही उन्हें निलंबित करने का आदेश दिया।
इसके अलावा मनरेगा के अभिलेख, लेखा, जीपीएफ पासबुक आवासों का आवंटन ठीक से करने के निर्देश दिए गए। कमिश्नर ने पीएचसी परदहां का भी निरीक्षण किया।