मऊ। सभी बोर्डों से जुड़े प्राथमिक स्तर के विद्यालयों को खोलने को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने कक्षा एक से आठवीं कक्षा की पढ़ाई के लिए रोस्टर और कोरोना गाइडलाइन जारी किया है। इसके चलते प्रत्येक कक्षा में 50 प्रतिशत बच्चे ही बुलाए जाएंगे। विद्यालय आने वाले बच्चों के अभिभावकों को सहमति पत्र देना होगा। बच्चे अगर अधिक होंगे तो दो पालियों में कक्षाएं चलाई जाएंगी। बच्चों को मास्क पहनकर स्कूल जाना होगा।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग, माध्यमिक, सीबीएसई, आईसीएसई से संबद्ध दो हजार विद्यालयों में पहली से आठवीं कक्षाओं में लगभग 420377 बच्चे पंजीकृत हैं। कोरोना काल में स्कूल बंद होने के कारण ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है। अब स्कूलों में छठवीं से आठवीं कक्षा की कक्षाएं 10 फरवरी और कक्षा एक से पांचवीं की कक्षाएं एक मार्च से चलाई जाएंगी। स्कूल खुलने पर कोरोना गाइड लाइन का पालन करना होगा। कक्षाएं चलाने का रोस्टर जारी किया गया है। प्रत्येक कक्षा में 50 प्रतिशत बच्चे ही बुलाए जाएंगे। स्कूलों में कक्षाओं को सैनिटाइज किया जाएगा। बच्चे मास्क लगाकर स्कूल जाएंगे। रोस्टर के अनुसार कक्षा एक और कक्षा पांच की कक्षाएं सोमवार, बृहस्पतिवार, कक्षा दो और चार की मंगलवार व शुक्रवार, कक्षा तीन की बुधवार और शनिवार को पढ़ाई होगी। कक्षा छह की सोमवार, बृहस्पतिवार, कक्षा सात की मंगलवार, शुक्रवार तथा कक्षा आठ बुधवार तथा शनिवार को कक्षाएं चलेंगी। विद्यालय आने वाले बच्चों के अभिभावकों को सहमति पत्र देना होगा। यदि विद्यार्थी अस्वस्थ है तो उसे विद्यालय नहीं भेजेंगे।
जिन विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या अधिक है वहां दो पालियों में कक्षाएं चलेंगी। सरकारी व सहायता प्राप्त विद्यालयों के बच्चों को मध्याह्न भोजन दिया जाएगा। भोजन वितरण से पहले बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए साबुन से हाथ धुलवाया जाएगा। रसोइयों को कोविड गाइडलाइन का पालन करना होगा।
कोट
स्कूलों को खोले जाने के तहत जारी शासनादेश का अनुपालन कराने के लिए समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर दिया गया है।-अशोक गौतम, प्रभारी बीएसए