शासन की तरफ से निजी विद्यालयों की तर्ज पर सरकारी विद्यालयों में बेहतर सुविधा बहाल करने की कवायद विभागीय उदासीनता के चलते सफल नहीं हो रही। बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से 1.35 करोड़ की लागत से 95 परिषदीय विद्यालयों में डेस्क बेंच की आपूर्ति की जानी थी। लेकिन विभाग से नामित एजेंसी की तरफ से अभी तक मात्र14 विद्यालयों में ही डेस्क और बेंच की आपूर्ति की जा सकी है। ऐसे में बच्चों को जमीन पर ही बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। विभागीय लिखापढ़ी करने के बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।
जिले में 442 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। अधिकांश विद्यालयों में डेस्क और बेंच न होने से बच्चों को जमीन पर ही बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। निजी विद्यालयों की तर्ज पर बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से अवस्थापना मद से पहले चरण में 95 परिषदीय विद्यालयों में डेस्क-बेंच की आपूर्ति के लिए 1.35 करोड़ रुपया स्वीकृत किया गया। प्रति स्कूल को 35 सेट की आपूर्ति करनी थी। इसके लिए बजट भी जारी कर दिया गया है।
विभाग की तरफ से शिक्षा सत्र के शुरुआत में ही नामित एजेंसी को आपूर्ति करने का फरमान जारी किया गया था। शिक्षा सत्र का नौवां माह चल रहा है लेकिन एजेंसी की तरफ से अभी तक मात्र 14 विद्यालयों में ही डेस्क बेंच की आपूर्ति की जा सकी है। विभाग की तरफ से 25 दिसंबर तक समय सीमा निर्धारित की गई है। विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का कहना था कि डेस्क बेंच आपूर्ति के लिए लिखा पढ़ी की गई, लेकिन नामित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकी है।