मऊ। जिले में बुधवार को सुबह से ही आसमान कोहरे से पटा रहा। लोगों की दिनचर्या पर कोहरे का भी खासा असर देखाई दिया। भोर में चलने वाली रोडवेज बसों का संचालन प्रभावित रहा। बर्फीली हवा चलने से प्लेटफार्म पर प्रतीक्षारत यात्रियों को एक-एक पल बिताना मुश्किल हो रहा था। शहर में पूर्वाह्न 11 बजे धूप निकलने से लोगों को राहत तो मिली, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में मध्याह्न बाद तक कोहरा छाने से लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा।
शीतलहर तथा कोहरे का कहर जारी रहने से लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। बुधवार को तड़के से ही कोहरा छाए रहा। कोहरे होने के चलते लोग देर तक घर में ही दुबके रहे। सुबह सात बजे तक सड़कों पर इक्के दुक्के वाहन आते जाते देखे गए। सन्नाटा की स्थिति रही। सुबह अपने काम पर जाने वाले लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। भगवान सूर्यदेव का दर्शन न होने से लोग ठिठुरते रहे। शहर मेें लगभग 11 बजे धूप निकली तो लोगों के चेहरे खिल गए। बाजारों में चहल पहल बढ़ गई। वहीं ग्रामीण इलाकों में मध्याह्न बाद तक कोहरा छाए रहने से लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा। तापमान पर नजर डाला जाए तो बुधवार को अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्रता 63 प्रतिशत रही। जबकि तीन किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही थी।
मौसम में उतार चढ़ाव का क्रम जारी
मधुबन। मौसम के मिजाज में उतार-चढ़ाव का क्रम जारी है। बुधवार की सुबह कोहरा के साथ ही देर तक बदली छाई रहने का असर सड़कों पर दिखाई दिया। इसके चलते लोग जहां देर तक घरों में रहने को विवश हुए। कोहरे के चलते वाहनों की रफ्तार धीमी रहने के साथ ही उनकी हेडलाइट जलती रही। कोहरा संग गलन लोगों को खूब कंपा रही थी। इसी क्रम में बीते दिनों मौसम में कुछ नरमी आई। हवा की रफ्तार कम होने तथा दिन में अच्छी धूप निकलने से लोगों को सर्दी से काफी राहत मिली। लेकिन बुधवार की रात अचानक चली सर्द हवाओं ने मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल दिया। बुधवार को दिन तक इसका असर बना रहा। सुबह कोहरा एवं बादल छाए रहने से लोग देर तक घरों में रहे। लोगों को अपना ख्याल रखना होगा। दिन में करीब 12 बजे धूप निकलते ही उसकी गर्माहट से गलन कम होने पर लोग घर से बाहर निकले।
आलू में झुलसा रोग बढ़ी आशंका
मधुबन। कोहरा का प्रकोप जारी रहने से किसानों को फसल नुकसान की चिंता सताने लगी है। कोहरा लगातार कई दिनों तक छाया रहने और हवा में ज्यादा नमी से सरसों, आलू,धनिया आदि फसलों पर असर पड़ने की संभावना बढ गई है। इन फसलों में चेपा कीट, रतवा रोग होने के साथ मटर में सफेद चूर्ण रोग,आलू में झुलसा रोग बढ़ने की संभावना बढ़ गई है।