बकरीद की मुबारकबाद देते नन्हें बच्चे।
कुर्बानी का प्रतीक पर्व ईद-उल-जुहा मंगलवार को जिले भर में बड़े ही अकीदत के साथ मनाया गया। इस मौके पर ईदगाहों तथा मस्जिदों में बकरीद की नमाज अदा की गई। नमाज के बाद ही बकरों और अन्य जानवरों के कुर्बानी की रस्म निभाई गई। वहीं हजारों की संख्या में बकरों समेत अन्य जानवरों की कुर्बानी दी गई। इसी के साथ कई दिनों तक चलने वाले सेवइयों की दावतों का भी सिलसिला शुरू हो गया। इसमें शामिल लोगों ने सेवइयों के अलावा तरह-तरह के पकवानों का जमकर आनंद लिया। उधर नगर के खीरी बाग के मैदान में पारंपरिक मेले में बच्चों ने खूब खरीदारी की।
बकरीद पर्व पर खास तौर से शहर के मिर्जाहादीपुरा, भटकुंआ पट्टी, औरंगाबाद, काजी टोला, रौजा बाजार, शाही कटरा तथा संस्कृत पाठशाला जैसे इलाकों में पर्व की गहमागहमी कुछ ज्यादा ही नजर आई। यही वजह था कि चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। पुलिस तथा पीएसी के जवानों ने चप्पे-चप्पे पर मोर्चा संभाल रखा था। संवेदनशील क्षेत्रों में मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। इसके अलावा जनपद के कोपागंज, कोइरियापार, अदरी शाहपुर, कुर्थीजाफरपुर, मुहम्मदाबादगोहना, चिरैयाकोट, खैराबाद, वलीदपुर भीरा, घोसी, दोहरीघाट, नदवासराय, अमिला, मधुबन तथा फतेहपुर मंडाव आदि क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
ईद-उल-जुहा का त्यौहार मुसलमानों के दोनों वर्गों (शिया- सुन्नी) बड़े उल्लास के बीच मनाया। ईदगाहों तथा मस्जिदों में बकरीद की नमाज अदा करने के बाद लोग आपस में गले मिलकर एक-दूसरे को बधाई दी। इसी के साथ कई दिनों तक चलने वाले सेवइयों की दावतों का दौर शुरू होकर देर रात तक जारी रहा। मंगलवार की सुबह से ही मोबाइल नेटवर्क व्यस्त रहा। अपनों को बधाई देने के लिए फोन, मोबाइल, फेसबुक, वाट्सएप आदि ही सबसे बेहतर साधन रहा।