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Mau News: 40 साल बाद लगा पशु मेला

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वलीदपुर। मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक का देवलास मेला बुधवार को शुरू हुआ। जिला पंचायत अध्यक्ष मनोज राय ने इसका उद्घाटन किया है। इस मेले में 40 वर्ष की टूटी पुरानी परंपरा को मेला आयोजकों के सहयोग से शुरू कर दिया गया है। मेले में 40 वर्ष पहले हाथी घोड़े भैंस की भी बाजार लगती थी लेकिन वह परंपरा टूट गई थी। इस बार लोगों के प्रयास से दिल्ली और मेरठ शहर से लगभग 50 घोड़े और लगभग 100 भैंस लाई गई है। मेले में मीना बाजार जो खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। जहां महिला तथा पुरुष दोनों खरीदारी करते रहे। मौत का कुआं, सर्कस, ब्रेक डांस, नाव झूला, कंबल कपड़े के सारे सामान खजला और खाने-पीने का सामान लग चुके हैं।
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लकड़ी की चौकियां जिसको खरीदने के लिए लोग दूर दराज से आते हैं और पैसा देकर बुकिंग कर चले जाते हैं। मेला बीत जाने के बाद भी लगभग 10 दिनों तक मेले से चौकियां तथा लकड़ी के अन्य सामान लोगों के घरों तक पहुंचाने का कार्य दुकानदार करते हैं। देवलास मेले में रात्रि मनोरंजन के लिए सिनेमा घर और आर्केस्ट्रा का भी प्रोग्राम चलता है। सूर्यकुंड पोखर में स्नान करने के बाद सूर्य भगवान का पूजन कर माथा टेकते हैं और मनोकामना पूरी करने के लिए आशीर्वाद लेते हैं। सुरक्षा के लिहाज से क्षेत्राधिकारी डॉ अजय विक्रम सिंह और कोतवाल रविंद्र नाथ राय भी रात दिन भ्रमण करते रहे।
भगवान राम ने ऋषि अगस्त के कहने पर रावण पर विजय प्राप्त करने के लिए सूर्यषष्ठी पूजा किया था। उन्होंने सूर्य के छह नामो का जाप किया। राशिमते नमः सम्रद्धते नमः देवासुर नमस्कृताम नमः विवस्वेत नमः भाष्कराय नमः भुनेश्वराय नमः के जाप के बाद ही रावण का वध कर सके। सूर्य षष्ठी व्रत रामायण काल से ही प्रचलित है। इसी मान्यता को लेकर मु़हम्मदाबाद गोहना के देवलास स्थित सूर्य मंदिर पर व्रती महिलाओं ने सूर्य को अर्घ्य दिया। कहते हैं कि भगवान राम वन गमन के समय इसी रास्ते से गए थे। माता सीता ने सूर्य मंदिर के पास बने कुंड में स्नान किया था। बाद में महाराजा विक्रमादित्य द्वारा लिखित एक शिला पट्ट लगवाया।
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