घोसी तहसील परिसर में मंगलवार को एक लेखपाल पर एक दिव्यांग युवक ने वरासत बनाने के नाम पर रिश्वत न देने पर मारपीट का आरोप लगाया। उधर इस मामले की जानकारी होने पर एसडीएम ने इसकी जांच करने के लिए नायब तहसीलदार को निर्देश देते हुए दोषी मिलने पर कड़ी कार्रवाई की बात कही। उधर लेखपाल द्वारा युवक से मारपीट की घटना को लेकर घोसी तहसील में चर्चा का विषय बना रहा।
घोसी तहसील क्षेत्र के मुजडाड के चक शब्बीर चकरा गांव निवासी सत्येंद्र चौहान पुत्र मुन्नी लाल ने बताया कि मंगलवार को वह अपने क्षेत्र के लेखपाल रवि कुमार से मंगलवार की दोपहर घोसी तहसील में वारिश प्रमाण पत्र बनवाने के लिए परिवार के सदस्यों के आया था। आरोप लगाया कि लेखपाल ने इसके लिए रिश्वत के तौर पर पांच हजार की मांग की।
उसके द्वारा जब इंकार किया गया तो लेखपाल ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर कमरे में बंद कर माररीट कर दी। पीड़ित ने बताया कि यूनियन बैंक में जमा राशि की निकासी को लेकर वारिश प्रमाण पत्र को आवश्यकता थी।जिसके लिए एक महीने से लेखपाल द्वारा रिश्वत न मिलने पर हीलाहवाली की जा रही थी।जिसको लेकर तरफ तरह से प्रताड़ित किया जा रहा था।
जिससे पीड़ित व्यक्ति ने एसडीएम से शिकायत की तो उन्होंने उचित कार्रवाई का आश्वासन देते हुए मेडिकल हेतु भेज दिया।इस संबंध में एसडीएम अभिषेक गोस्वामी ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है, दो लेखपालों द्वारा एक युवक से हाथापाई करने की शिकायत मिली है। जिसकी जांच नायब तहसीलदार दोहरीघाट को करने के लिए निर्देशित कर दिया गया।
बताया कि जांच आख्या आने पर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।