चकबंदी विभाग से मधुबन थाना क्षेत्र के दुबारी ग्राम पंचायत की चार फाइलें गायब होने पर चकबंदी अधिकारी ने तीन लेखपालों पर मुकदमा दर्ज कराया है।
उधर जिलाधिकारी ने मामला गंभीर होने पर तीनों लेखपालों को निलंबित कर दिया। पुलिस मुकदमा दर्ज करके विवेचना में जुटी है। कई गांवों का रिकार्ड गायब होने पर चकबंदी विभाग में हड़कंप मचा है। अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक गायब रिकार्ड की खोजबीन में जुट गए हैं।
मधुबन थाना क्षेत्र के दुबारी गांव की चकबंदी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसका अभिलेख रिकार्ड रूम में रखा गया था। इधर इस मामले पर ग्रामीणों की कई शिकायतें आने पर रिकार्ड रूप से जब जांच पड़ताल के लिए अभिलेखों को खोजा जाने लगा तो वह गायब मिले।
नौ नवंबर 2015 को रिकार्ड रूम को खंगाले जाने के बाद चकबंदी से संबंधित चार फाइलें गायब पाई गई। इस मामले की जानकारी चकबंदी के अधिकारियों ने जिलाधिकारी को दी।
जिलाधिकारी ने रिकार्ड रखने वाले संबंधित तीन लेखपालों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया और उन्हें निलंबित कर दिया। शनिवार को चकबंदी अधिकारी पंकज कुमार ने शहर कोतवाली में संबंधित लेखपाल रामसरन तिवारी लेखपाल, सुबाष राम, अखिलेश यादव के विरुद्ध सरकारी रिकार्ड गायब करने एवं सरकारी कार्यों में लापरवाही बरते जाने का मुकदमा दर्ज कराया।
इस संबंध में जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव का कहना है कि चार गांवों के चकबंदी का रिकार्ड इधर से उधर कर गायब करने का मामला संज्ञान में आया है। जिम्मेदार तीनों लेखपालों को निलंबित कर दिया गया है और इसकी जांच पड़ताल की जा रही है।