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मऊ में जर्जन भवन नहीं गिराने से बाहर खड़ी रहती हैं बसें, तीन करोड़ से बना रोडवेज है भवन

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रोडवेज परिसर में जर्जर भवन के कारण बसें के लिए बने प्लेटफार्म का नहीं हो रहा प्रयोग। - फोटो : MAU
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मऊ। सपा शासन काल में पास मऊ डिपो का भवन तय समय सीमा से एक वर्ष की देर से आधा अधूरा बन कर तैयार तो हुआ, लेकिन विभाग की उदासीनता से वहां यात्रियों को सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। कार्यदायी संस्था ने बताया कि जबतक निगम जर्जर भवन गिरवाकर नहीं हटवाता, उसका कार्य पूरा नहीं होगा। जिससे बसें बाहर खड़ी रहती हैं। जिससे आए दिन जाम लगता है। वहीं यात्रियों को सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं।
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सपा शासन काल में 2016 में मऊ डिपो के जर्जर भवन को ढहाकर वहां नया भवन बनाने की कार्ययोजना तैयार की गई। तीन करोड़ से तैयार होने वाले रोडवेज भवन को बनाने के लिए शासन से धन भी अवमुक्त हुआ, लेकिन इस बीच सत्ता परिवर्तन होने के कारण काम बीच में बंद हो गया। इसका परिणाम रहा कि मार्च 2019 में तैयार होने वाला रोडवेज भवन और अन्य सुविधाएं का प्लेट फार्म सहित अन्य कार्य अभी तक पूरी तरह से बनकर तैयार नहीं हो सका है। निर्माण के बाद जो भी सुविधाएं मुहैया हुई है, उसे यात्री के साथ रोडवेज कर्मचारी भी उपभोग नहीं कर पा रहें, क्योंकि नवनिर्मित भवन के ठीक सामने पुराना जर्जर भवन जो खड़ा है। इस जर्जर भवन को ढहाने का काम निगम को करना है। निगम की उदासीनता के चलते ना तो जर्जर भवन हट रहा, न ही शेष अधूरे निर्माण पूरे हो पा रहे।
कार्यदायी संस्था कांस्ट्रेक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज के अवर अभियंता कमलेश चौहान ने बताया कि बजट के अभाव में कार्य पूरा करने में देर हुई, लेकिन आगे की देरी का कारण रोडवेज परिसर के बीच खड़ा निगम का पुराना जर्जर भवन है, क्योंकि उसके हटने के बाद मिट्टी भराई के साथ साथ वहां के अधूरे प्लेट फार्म को बनाने के साथ अन्य कार्यों को पूरा किया जाएगा। प्लेट फार्म बनते ही बाहर खड़ी होने वाली बसें, प्लेट फार्म पर खड़ा होगी। इसके अलावा यात्री बसों के इंतेजार में सड़क की बजाय रोडवेज के प्रतीक्षालय में बैठ सकेंगे। साथ ही रोडवेज परिसर में मौजूद कचड़ा भी साफ हो सकेंगा।
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क्या है अभी बनना
मऊ। डिपो पर भवन तो बनकर तैयार हो गया है, लेकिन अभी भी दीवार, बाउंड्री, पंप हाउस, रेन वाटर हार्वेस्टिंग , बिल्डिंग का बोरिंग करना बाकी है। काम अधूरा होने के बाद भी पूर्व एआरएम विवेकानंद त्रिपाठी ने भवन को हैंडओवर ले लिया है। अवर अभियंता कमलेश चौहान ने बताया कि जिस दिन जर्जर भवन हट जाएगा, उसी दिन अधूरे कार्य को पूरा करने के लिए काम लगा दिया जाएगा।
मुझे अभी पूरी तरह से पता नहीं है कि काम अधूरा क्यों है, क्योंकि विवेकानंद के सेवा निवृत्त होने पर वो अभी हाल में ही मऊ डिपो का कार्यभार ग्रहण किया हूं। जल्द ही कार्यदायी संस्था से संपर्क कर कारण को जानेंगे और निर्माण पूरा कराने का प्रयास करेंगे।
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- महेशचंद्र श्रीवास्तव, एआरएम, मऊ डिपो।
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