भीषण गर्मी के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। इसके बावजूद सरकार की ओर से स्वीकृत पेयजल योजनाओं के लिए बजट जारी नहीं हो पाया है। जिले के 22 गांवों में पाइप लाइन बिछाने, ओवरहेड टैंक सहित विभिन्न कार्यों के लिए वर्ष 2014-15 में 22 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। पुराना वित्तीय वर्ष बीत गया और नया वित्तीय वर्ष शुरू होने के 20 दिन बाद भी पूरी धनराशि जारी नहीं हो सकी है। हालत यह है कि शासन से अभी तक 20 से 30 प्रतिशत ही बजट का आवंटन हो पाया है। ऐसे में परियोजनाएं निर्धारित समय पर पूरा होना मुश्किल ही लग रहा है। जबकि वर्ष 2017 में परियोजनाएं पूरी होनी हैं। इसके चलते लोगों को प्रदूषित पानी का सेवन करना पड़ रहा है।
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ओर से कुर्थीजाफरपुर, रसूलपुर आदमपुर, लखनौर, डंगौली, दरगाह, भीरा, भांवरकोल सहित 22 गांवों में 2014-15 में विभिन्न योजनाओं के तहत 22 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। लेकिन नए वित्तीय वर्ष में भी इसके लिए बजट का आवंटन नहीं हो पाया है। नए वित्तीय वर्ष में जल निगम को अभी तक एक धेला भी नहीं मिल पाया है। हालत यह है कि गांवों में कहीं बोरिंग, तो कहीं नींव डालकर छोड़ दिया गया है। गांवों में स्वीकृत प्रोजेक्ट पर नजर डाला जाए तो परदहां ब्लाक के कहिनौर गांव में ओवरहेड टैंक के लिए चिह्नित जमीन पर सिर्फ नींव डालकर छोड़ दिया गया है।
कुर्थीजाफरपुर में 399.85 लाख के सापेक्ष 143.04 लाख, रसूलपुर आदमपुर में 328.59 के सापेक्ष 30.68 लाख, लखनौर में 151.92 के सापेक्ष 14.18 लाख ही धन जारी हो सका है। इसी तरह रुकुनपुर में 119.76 लाख के सापेक्ष 11.19 लाख, पटकुंआ 91.19 लाख के सापेक्ष 8.53लाख ही बजट का आवंटन हो सका है। इसी तरह डंगौली में 219.51लाख के सापेक्ष 78.48 लाख, दरगाह में 285.11 लाख के सापेक्ष 20 लाख ही जारी हो सका है। इसी तरह भीरा में 19.53 लाख के सापेक्ष 13.86 लाख ही धन जारी हो पाया है। यही हाल अन्य गांवों का भी है। हालत यह है कि गांव के लोगों को शुद्ध पानी मयस्सर नहीं हो पा रहा है। प्रदूषित पानी के सेवन से लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैँ। बजट कब जारी होगा अधिकारी समय सीमा बताने को तैयार नहीं हैं।