केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2019-20 के लिए जारी अंतरिम बजट को चुनावी बजट कहा जा रहा है। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार यह बजट किसान, मजदूर और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित होगा। शुक्रवार को बजट पेश्ा होने से पहले ही लोग टीवी देखने बैठ गए। वहीं लोगों ने एक दूसरे से बजट में राहत और नुकसान की बाबत भी जानकारी ली
बजट में किसानों, मजदूरों और मध्यम वर्ग को तोहफा दिया गया है। दो हक्टेयर जमीन तक के किसान को प्रतिमाह पांच सौ रुपये दिया जाएगा। इससे जिले में 90 प्रतिशत किसानों को लाभ मिलेगा। वहीं पांच लाख तक की आय वालों को टैक्स में छूट से मध्यम वर्ग के लोगों को भारी राहत मिलेगी। विशेषज्ञों ने किसानों, मध्यम वर्ग, मजदूरों और वेतनभोगियों के राहत देने वाला बजट बताया है। बाजार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने के साथ ही उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही रोजगार के अवसर में वृद्धि होगी।
केंद्र सरकार की तरफ से शुक्रवार को पेश होने वाले आम बजट को देखने के लिए लोग सुबह से ही टीवी सेट पर चिपके रहे। बजट भाषण को अपने-अपने तरीके से लोग चर्चा करने में मशगूल रहे। बताते चले जिले में 2.62 लाख किसान हैं। इसीक्रम में 41402 आयकर रिर्टनदाता है, इसीक्रम में 28 हजार पंजीकृत मजदूर है। केंद्र सरकार के बजट में जिले के इन सभी तबके के लोगों को राहत मिलेगी।
दो हेक्टेयर तक के जमीन वाले किसानों के खाते में प्रत्येक साल छह हजार रुपया देने के प्रावधान से जिले के 90 प्रतिशत किसानों को लाभ मिलेगा। जबकि आपदा पीड़ित किसानों के लिए भी ब्याज में पांच प्रतिशत तक छूट शामिल है। असंगठित क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना के तहत हर माह तीन हजार रुपया पेंशन मिलने से मजदूर लाभान्वित होंगे।
आयकर अधिकारी राकेश मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि बजट में रिवेट मिलने पर रिर्टन दाखिल करने वालों की संख्या में कमी आएगी। साथ ही ब्याज में 40 हजार की सीमा पर छूट मिलने से मध्यम वर्ग को काफी राहत मिलेेगी।
सीए राकेश श्रीवास्तव का कहना है कि आम बजट वेतन भोगियों, मध्यम वर्ग, मजदूरों, किसानों के साथ मध्यम वर्गीय व्यापारियों के लिए भी राहत भरा होगा। क्योंकि पांच करोड़ से कम का टर्न ओवर करने वालों को तीमाही रिर्टन राहत भरा है। अधिवक्ता आयकर प्रयाग वर्मा का कहना है कि आम बजट सुपर माडल बजट है। किसानों, वेतनभोगियों, मध्यम वर्ग, मजदूर वर्ग के लोगों को लाभ मिलेगा।