मधुबन। घाघरा में लगातार बढ़ते जल स्तर से क्षेत्र के देवारा स्थित दर्जनों गांवों में संकट गहराने लगा है। अधिकांश संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं। हालत यह है कि लोगों का कमर भर पानी से होकर आना जाना पड़ रहा है। चक्कीमूसाडोही-बरहज मार्ग जगह-जगह टूट गया। तेज बहाव के बीच लोग जान जोखिम में डालकर आने जाने को विवश हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र मनमन का पुरा, भगत का पुरानंद का पुरा, चक्की मुसाडोही सहित विभिन्न गांवों में लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है। सड़कें जलमग्न हो जाने से साइकिल एवं बाइक द्वारा आवागमन लगभग असंभव हो गया है। लोग जान जोखिम में डालकर अपनी यात्रा पूरी कर रहे हैं। हालांकि शनिवार को इन क्षेत्रों में पानी स्थिर रहा मगर लोगों की दिक्कतें कम नहीं हुईं।
तहसील क्षेत्र के अंतिम छोर पर स्थित चक्की मुसाडोही गांव टापू की शक्ल ले चुका हैं तथा गावं से शुक्ल तेलिया होते हुए बरहज को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग फुलबदन चौहान के घर के पास पिछले दिनों क्षतिग्रस्त होने के बाद दो अन्य जगहों पर भी टूट गया। जिसके कारण आम राहगीर पानी के बीच उतर कर ही मंजिल तक पहुंचने को विवश हैं। इस संबंध मेंचक्की मुसाडोही गांव के राम लक्षन चौहान, विनय कुमार चौहान, शेष नाथ खरवार, पन्नेलाल, राजाराम का कहना था कि प्रमुख मार्ग टूट जाने से आवागमन बाधित हो गया है। लेकिन अभी तक प्रशासन की तरफ से सुधि नहीं ली जा सकी है।