गोरखपुर की विजिलेंस टीम ने शुक्रवार की सुबह साढ़े दस बजे के करीब सदर तहसील के बढ़ुआ गोदाम क्षेत्र के लेखपाल को दस हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी लेखपाल शशि शेखर गौड़ ने शस्त्र लाइसेंस के सत्यापन के लिए बढ़ुआ गोदाम निवासी एक व्यक्ति से दस हजार रुपये की मांग की थी।सरायलखंसी थाने के बढ़ुआ गोदाम निवासी जमुना प्रसाद गुप्त के पुत्र व दवा कारोबारी की मई माह में हत्या कर दी गई थी। इसके बाद जमुना गुप्त ने शस्त्र लाइसेंस का आवेदन किया था।
इसकी जांच केे लिए लेखपाल ने उनसे 10 हजार रुपये की मांग की थी। जमुना ने इसकी शिकायत 17 अक्तूबर को एसपी विजिलेंस खुशहर सौरभ से की। उन्होंने शिकायत की गोपनीय जांच कराई जिसमें शिकायत सही मिली। इसके बाद गुरुवार को विजिलेंस की 11 सदस्यीय टीम मऊ पहुंच गई। टीम के निरीक्षक केपी गुप्त ने बताया कि सरकारी व्यक्ति को दबोचने के लिए डीएम से गवाह मुहैया कराने और परमीशन लेना होता है।
गुरुवार को डीएम नहीं थे इससे सीडीओ ने दो गवाहों की व्यवस्था कराई। शुक्रवार की सुबह गवाहों के सामने पुलिस लाइन में जमुना को नेप्थलीन लगे दे दिए गए। जमुना ने लेखपाल से संपर्क किया तो उसने कहा कि वह उनकी दूकान पर पहुंचकर रुपये ले लेगा। शुक्रवार की सुबह साढ़े दस बजे लेखपाल शशि शेखर गौड़ जमुना की दूकान पर पहुंच गया। उसने जैसे ही रुपये लिए। टीम के सदस्यों ने उसे दबोच लिया। इसके बाद दोनों सरकारी गवाहों के सामने लेखपाल का हाथ कार्बोहाईड्रेड के घोल में घुलवाया गया।
तो पूरा रंग लाल हो गया। सरकारी गवाह के रूप में विजलेंस के साथ अपर अर्थ संख्या अधिकारी आरपी सिंह और अल्प बचत कार्यालय के लिपिक संजीव कुमार मौजूद थे। पकड़ा गया लेखपाल शशि शेखर गौड़ पुत्र रामबचन हलधरपुर थाने के रतनपुरा का निवासी है। टीम ने लेखपाल को सरालखंसी थाने को सुपुर्द कर उसके विरुद्ध संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई। टीम में केपी गुप्ता समेत पांच निरीक्षक और छह आरक्षी थे।