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किताबों के लिए करना होगा इंतजार

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‌किताबें - फोटो : demo pic
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नया शिक्षा सत्र शुरू होने के पांच दिन बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग को नई नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण मामले में निदेशालय का दिशा निर्देश नहीं मिला है, ऐसे में बच्चों को नि:शुल्क नई पाठ्यपुस्तकों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
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विभाग की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था करने के बजाय  पुरानी किताबें एकत्र कर दाखिला लेने वाले बच्चों में वितरित करने की प्रक्रिया जारी है। कई स्कूलों में कई बच्चों की किताबें फट गई हैं वापस करने योग्य नहीं हैं। बच्चों को बिन किताबों के ही पढ़ना पड़ सकता है।

विभागीय अधिकारियों का दावा है कि सभी बच्चों को पुरानी किताबों की उपलब्धता करा दी जाएगी।  जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। शिक्षा सत्र शुरू होने के पांच दिन बाद भी नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण के मामले में बेसिक शिक्षा विभाग को  निदेशालय का दिशा निर्देश नहीं मिल सका है।
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ऐसे में बच्चों को नई किताबों के लिए कई माह इंतजार करना पड़ सकता है। नया शिक्षा सत्र शुरू होने से पूर्व ही चालू शैक्षिक सत्र के दौरान परिषदीय स्कूलों में बच्चों को बांटी गई पाठ्यपुस्तकों को उनसे वापस लेकर  दाखिला लेने वाले बच्चों में वितरित करने के लिए फरमान जारी किया गया था।

इसी आदेश के क्रम में बच्चों को पुरानी किताबें वितरित करने की प्रक्रिया जारी है। सूत्रों की मानें तो किताबों की छपाई में देर होने की वजह से अगले सत्र में जुलाई से पहले बच्चों को नई पाठ्यपुस्तकें मिलने के आसार नहीं हैं।

ऐसा लगातार दूसरे वर्ष हो रहा है कि जब परिषदीय स्कूलों के बच्चों से किताबें वापस लेकर नये सत्र में उन कक्षाओं में प्रवेश लेने वाले बच्चों को वितरित किया जा रहा है। पिछले साल परिषदीय स्कूलों का सत्र जुलाई की बजाय अप्रैल से शुरू हुआ था लेकिन बच्चों को बांटी जाने वाली किताबें देर से आई थी।

बेसिक शिक्षा विभाग का ढर्रा इस साल भी नहीं सुधरा है। शिक्षा सत्र शुरू हुए पांच दिन बीत गया, लेकिन नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक बच्चों को कब तक मिल जाएगी। अधिकारी समय सीमा बताने को तैयार नहीं हैं।

कई विद्यालयों में कई बच्चों की पुस्तकें फट गई थी या गायब हो चुकी हैं, ऐसे में बच्चों को बिन किताबों के ही पढ़ना पड़ सकता है।  इस बाबत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार का कहना है कि निदेशालय से नि:शुल्क पुस्तकें मिलते ही बच्चों में वितरित कर दी जाएगी।
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बच्चों से पुरानी पुस्तकें एकत्र की गई हैं जो बच्चों को वितरित की जाएंगी।
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