कचहरी परिसर में शनिवार की सुबह 11 बजे के करीब एक तेज आवाज के फायर को लोगों ने बम समझ लिया और भगदड़ मच गई। बाद में पता चला कि यह आवाज मोटरसाइकल के साइलेंसर से निकली थी। पुलिस अधीक्षक शिवप्रसाद उपाध्याय और सुरक्षा दस्तों ने कचहरी परिसर पहुंचकर मौका मुआयना किया।
न्यायालय में शनिवार को ठेकेदार हत्याकांड में सदर विधायक मुख्तार अंसारी की पेशी थी। इसके चलते कचहरी परिसर में कई थानों की फोर्स तैनात थी। सुबह 11 बजे के करीब न्यायालय भवन के बाहर एडीजे कोर्ट नंबर एक के सामने तेज आवाज के साथ धुंआ फैल गया। इससे वहां भगदड़ मच गई।
लोगों को लगा कि किसी ने बम अथवा बड़ा पटाखा फोड़ा है। आवाज सुनकर वहां अधिवक्ताओं और वादकारियों की भीड़ लग गई। विस्फोट की अफवाह से पुलिस और एलआईयू के लोग भी सतर्क हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक शिवप्रसाद उपाध्याय भी मौके पर पहुंच गए।
उन्होंने मातहतों को सभी बिंदुओ पर जांच करने के साथ ही कचहरी परिसर की तलाशी लेने का निर्देश दिया। इसके बाद घटना स्थल के आसपास सघन तलाशी अभियान चलाया। लेकिन कुछ हाथ नहीं आया। इस बीच एक आदमी ने आसपास के लोगों को कई बार बताया कि मोटर साइकिल स्टार्ट करने के दौरान उसके साइलेंसर से तेज आवाज के साथ धुआं निकला था।
लेकिन लोगों ने उसकी बात पर कोई तवज्जो नहीं दी। तलाशी में सीओ सिटी, कई थानों के थानाध्यक्ष, शहर कोतवाल सहित एलआईयू के लोगों के साथ ही काफी संख्या में पुलिस व पीएसी के जवान शामिल थे।
अफवाह के चलते कचहरी परिसर में दिनभर लोग जहां दहशत में रहे। वही कचहरी आए वादकारियों के परिजन भी उनका हाल जानने के लिए संपर्क करते रहे।