रंगों और मस्ती के त्योहार होली पर शहर, गांवों के चौराहों और गली नुक्कड़ों पर हुड़दंगियों की हुड़दंग शुरू हो गई है। मंगलवार की देर शाम नगर सहित जिले के 1246 स्थानों पर होलिका दहन विधि विधान से किया गया। जनपद में होली का पर्व गुरुवार को मनाया जाएगा। बच्चों और किशोरों में तो होली का उत्साह कुछ ज्यादा ही देखा गया। सरकारी दफ्तरों और फैक्ट्रियों में कर्मचारियों ने साथियों को रंगों और गुलाल से सराबोर कर दिया।
रंगों के पर्व होली के मद्देनजर कपड़ों, रंगो और खाने पीने के तमाम सामानों की खरीदारी में लगे रहे। बुराइयों के अंत के लिए नगर के 42 स्थानों सहित जिले के 1246 स्थानों कड़ी सुरक्षा के बीच होलिका दहन किया गया। परंपरा के तहत अच्छाई की जीत की खुुशी के इजहार के तौर जोगीरे और होली गीत जैसे पांरपरिक गीतों की प्रस्तुति के साथ ही एक दूसरे को रंगों से सराबोर कर दिया। होली का पर्व गुुरुवार को मनाया जाएगा।
उधर पूरे दिन शहर, कस्बों, बाजारों सहित सभी चट्टी चौराहों पर खासी चहल पहल देखी गई। अधिकांश भीड़ खाने पीने कपड़ों, रंग गुलाल और किरानों की दुकानों पर देखी गई। जहां बच्चों, बूढ़ों और जवान महिलाओं को सभी प्रकार के सामानों की खरीदारी करने में व्यस्त देखा गया। सभी सामानों के दामों में भारी बढ़ोत्तरी के बावजूद खरीदारों की संख्या में कोई कमी नहीं देखी गई। रंगों के भाव 20 रुपए से लेकर 30 रुपये प्रति तोले थे।
अबीर गुलाल भी काफी महंगा था। इनमें सुगंध युक्त गुलाल के खरीददार ज्यादा दिखे। लेकिन पैकेट वाले चमकदार और गहरे हरे, पीले और नीले रंग के गुलाल के खरीदार कुछ ज्यादा ही थे। घरों में गृहिणियां तरह तरह के मिष्ठान, पकवान, नमकीन, गुझिया और पापड़ आदि बनाने में जुटी हुई देखी गईं। शहर के चौराहों और नुक्कड़ पर किशोर और युवा डीजे पर थिरकते हुए मस्ती कर रहे थे।
शराब की बिक्री पर प्रतिबंध के बावजूद लोगों को शराब के नशे में रहे।रतनपुरा, पिपरीडीह संवाददाता के अनुसार होली के दो दिन पूर्व ही कपड़ों, रंगों और खाने पीने की अन्य तमाम सामानों की जमकर खरीदारी की।