कोरोना संक्रमण के साथ ही ब्लैक फंगस के मरीज मिलने को लेकर स्वास्थ्य महकमा तैयारियों में जुट गया है। जिला अस्पताल में में इस तरह के मरीजों का इलाज करने के लिए छह बेड का वार्ड बनाया गया है। जिला अस्पताल में वर्तमान में सिर्फ एक ईएनटी विशेषज्ञ चिकित्सक हैं। ऐसे में अगर ब्लैक या व्हाइट फंगस के मरीज बढ़ने तो बेहतर इलाज कर पाना चुनौती होगी। जिले के दूसरे सरकारी अस्पतालों में एक ईएनटी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अगर जरूरत महसूस हुई तो निजी चिकित्सकों का सहयोग लिया जाएगा।
जिले में ब्लैक फंगस तथा व्हाइट फंगस के एक-एक मरीज मिल चुके हैं। इन दोनों मरीजों का उपचार वाराणसी में चल रहा है। दोनों मरीजों के इस महामारी से संक्रमित होने की पुष्टि भी वाराणसी जिले में ही हुई है। उधर जिले में दोनों तरह के फंगस के दस्तक के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ चुका है। जिला अस्पताल में छह बेड का एक वार्ड भी बना दिया गया है। इसमें इस तरह के मरीज के आने पर उनका उपचार किया जा सकेगा। इस तरह के मरीजों के उपचार के लिए जिला अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ को अलर्ट कर दिया गया है। सकारात्मक बात यह है कि वर्तमान में जिले में अभी तक वार्ड में ब्लैक फंगस का कोई मरीज नहीं पहुंचा है लेकिन अगर जिले में इस बीमारी से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी तो स्वास्थ्य विभाग को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि एकमात्र ईएनटी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक के लिए 24 घंटे मरीज की मानीटरिंग संभव नहीं है।
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ब्लैक फंगस को लेकर विभाग अलर्ट है। ऐसे मरीजों के लिए एक विशेष वार्ड बनाया गया है। इस तरह के मामले कम आते हैं, ऐसे में विशेषज्ञ चिकित्सक की कमी कोई आड़े नहीं आएगी। अगर जरूरत पड़ी तो निजी चिकित्सक का सहयोग लिया जाएगा।- डॉ. सतीश चंद्र सिंह, सीएमओ
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जिले में 56 दिन में मिले 4042 संक्रमित
मऊ। जिले में अब तक 7990 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। इसमें बीते एक अप्रैल से बुधवार तक 56 दिनों में ही 4042 मरीज मिल चुके हैं। सकारात्मक बात है कि कुल मरीजों में से 7609 मरीज ठीक हो चुके हैं। वहीं संक्रमण से 65 मरीजों की मौत हो चुकी है। जिले में 316 सक्रिय मरीज हैं। बताते चलें कि ब्लैक फंगस के मामले अब तक संक्रमण से ठीक होने वाले मरीजों में ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। ऐसे में चिकित्सक भी लोगों से अपील कर रहे हैं कि किसी तरह का लक्षण दिखने पर विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेने में विलंब न करें।