समाजवादी पार्टी के नेता एवं अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रामदुलारे राजभर ने कहा कि चंद दिनों की पार्टी भासपा गरीबों के वोट की सौदागर है। वह भाजपा को अपना वोट बेचना चाहती है। अति पिछड़ा और अति दलित महापंचायत में शनिवार को रेलवे के मैदान में जुटाई गई भीड़ मदाड़ी की तरह डमरू बजाकर जुटाई गई थी।
जिस प्रकार एक मदारी लोगों को बेवकूफ बनाकर भीड़ इकट्ठा करता है, उसी प्रकार भासपा गरीबों को बरगलाकर उनके वोट का सौदा करना चाहती है। असली अति पिछड़ों की दुश्मन भाजपा ही है, लेकिन वह पिछड़ों को बांटकर उन्हें कमजोर करने की राजनीति कर रही है। रविवार को राजभर सपा कार्यालय पर आयोजित पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे।
कहा कि समाजवादी पार्टी ने जिस प्रकार से पिछड़ा वर्ग के लोगों को सम्मान दिया है, उसे भुलाया नहीं जा सकता है। अति पिछड़ी 17 जातियों को अनुसूचित जाति में सपा ने वर्ष 2005 में ही शामिल कर लिया था लेकिन बसपा ने हाईकोर्ट में जाकर उस पर रोक लगवा दिया।
कहा कि इसके बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने केंद्र सरकार को कई बार पत्र लिखकर अनुसूचित जाति में इन जातियों को शामिल करने की मांग की लेकिन केंद्र की सरकार ने यह स्पष्ट जवाब दिया कि यह भविष्य में भी संभव नहीं हो सकता है।
कहा कि इस बात को अगर अति पिछड़े वर्ग के लोग जान ले तो भाजपा का असली चेहरा उजागर हो जाएगा कि वह किस प्रकार से पिछड़े वर्ग के लोगों को तोड़ना चाहती है। कहा कि अब तक इस मुद्दे पर चुप सपा अब भाजपा की पोल खोलेगी और उसका असली मकसद जनता को बताएगी। कहा कि समाज का भला वोटों का सौदा करने वाले लोग नहीं कर सकते हैं वह डमरू बजाकर उनकी भीड़ को इकट्ठा करके उनके वोट को बेचना चाहती है।
कहा कि ऐसे समाज के लोगों का विकास शिक्षा से होगा ना कि भाजपा जैसे पिछड़े वर्ग की विरोधी दल के साथ जाने से होगा।
गौरतलब है कि नगर के रेलवे मैदान पर भासपा की अति पिछड़ा एवं अति दलित महापंचायत से पूर्वांचल विजय का शंखनाद किया गया था। इसमें भाजपा और भासपा के गठबंधन का ऐलान हुआ। तब से राजनीतिक माहौल गर्म है।