पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष रामआसरे विश्वकर्मा ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार आरएसएस के इशारों पर चल रही है। यह पिछड़ों को आपस में आरक्षण के नाम पर लड़ाकर फूट डालो और राज करो की नीति पर काम कर शासन करना चाहती है। आरक्षण विरोधी केंद्र की सरकार तरह-तरह से पिछड़ों के हक और हकूक को मारना चाहती ह़ै लेकिन समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में भाजपा की मंशा को सफल नहीं होने देगी। शनिवार को वह कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
कहा कि केंद्र सरकार लगातार पिछड़ों के हितों की अनदेखी कर रही है। राज्य सरकार ने जहां पिछड़ी जातियों के छात्रवृत्ति के लिए 1092 करोड़ का बजट खर्च किया है वहीं केंद्र महज 139 करोड़ ही खर्च कर पाई है। यही हाल केंद्र सरकार एवं प्रदेश सरकार से मिलने वाली अन्य योजनाओं में भी है। समाजवादी पार्टी की सरकार ने शादी अनुदान की राशि को दोगूना कर दस हजार से बढ़ाकर 20 हजार रूपया कर दिया।
कहा कि राज्य सरकार लगातार पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के हितों के लिए प्रयास कर रही है और उस पर बजट भी खर्च कर रही है। पिछड़ा वर्ग के वित्त विकास निगम की योजनाओं के बंद किए जाने के सवाल पर कहा कि निगम को बसपा की सरकार ने ही बंद कर दिया था।
केंद्र की सरकार पिछड़ा वर्ग के वित्त विकास निगम के लिए बजट ही नहीं दे रही हैं इसके चलते उसकी योजनाएं बंद हैं। आरक्षण के सवाल पर उन्होंने कहा कि लगातार पिछड़ों की आबादी एवं जातियों की संख्या बढ़ है लेकिन उस हिसाब से आरक्षण का प्रतिशत नहीं बढ़ रहा है। उच्च पदों पर आज भी पिछड़ी जाति के लोगों का नेतृत्व बहुत कम है।
क्लास वन में महज 10 प्रतिशत, क्लास की नौकरी में 16 प्रतिशत एवं क्लास 3 की नौकरी में 24 प्रतिशत और क्लास 4 की नौकरी में 27 प्रतिशत नौकरी में भागेदारी मिल पाई है। कहा कि समीक्षा में छात्रवृत्ति सहित कई कमियां प्रकाश में आई हैं। उन्हें दूर करने का प्रयास किया जाएगा।