सभी ने कहा कि खून पसीना बहाकर शोषित, दलित, असहायों के लिए कार्यकर्ताओं ने मिलकर पार्टी खड़ी की, लेकिन ओमप्रकाश राजभर ने इसे बेच दिया। इस्तीफा देने वालों में लल्लन राजभर, कमलेश राजभर, राजेश, शिवबचन, मुन्ना राजभर, सोनू, अरविंद, चंद्रशेखर सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ओमप्रकाश राजभर की सुभासपा में बड़ी बगावत
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महेंद्र राजभर ने बीते सोमवार को ओमप्रकाश राजभर का साथ छोड़ दिया। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा-सुभासपा गठबंधन के समय प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें कटप्पा कहकर संबोधित किया था। उस समय महेंद्र मुख्तार अंसारी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरे थे।
महेंद्र राजभर सुभासपा के टॉप पांच नेताओं में शामिल थे। अचानक उनके बगावती तेवर से पार्टी में भूचाल आ गया है। उनके साथ कई बड़े नेताओं ने भी पार्टी का दामन छोड़ दिया। बता दें कि सुभासपा के संस्थापकों में शामिल रहे महेंद्र ओमप्रकाश राजभर के काफी करीबी लोगों में रहे हैं। पार्टी में महेंद्र की अहमियत ओमप्रकाश के बाद दूसरे नंबर पर थी।