मौसम में एक बार फिर आए बदलाव से रात से ही आसमान कोहरे से पटा रहा। लोगों की दिनचर्या पर भी इसका खासा असर देखने को मिला। सुबह लगभग सात बजे तक कोहरा छाए रहने से लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। भोर में चलने वाली रोडवेज बसों का संचालन प्रभावित रहा।
कई ट्रेेनों के विलंब से चलने की वजह से प्लेटफार्म पर लोग कांपते नजर आए। प्रशासन की ओर से अलाव जलाने में सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।
शीतलहर का कहर जारी रहने से लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। बारिश के बाद मंगलवार की रात से कोहरा का प्रकोप शुरू हो गया। इसके चलते पारा और लुढ़क गया तो लोगों के रोजमर्रा जिंदगी की रफ्तार धीमी पड़ गई। बुधवार की सुबह सात बजे तक घना कोहरा छाया रहा। इस बीच आम जनजीवन पर मौसम के बदलाव का व्यापक असर नजर आया। लोग अपने घरों से देर से निकले।
इससे ट्यूशन पढ़ने वाले और मार्निंग स्कूल जाने वाले बच्चों को असुविधा का सामना करना पड़ा। कई बच्चों की तो बस ही छूट गई। कोहरे के चलते भोर में चलने वाली रोडवेज बसों का संचालन प्रभावित होने से महानगरों की ओर जाने वाले लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
ट्रेनों के विलंब से चलने की वजह से यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। सुबह लगभग नौ बजे के बाद धूप निकलने से लोगों को राहत मिली। शीतलहर का प्रकोप जारी रहने के बाद भी सार्वजनिक स्थानों पर अलाव नहीं जले।