प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लिए ब्लॉक वन क्रॉप अभियान के क्रम में रानीपुर विकासखंड के सुल्तानीपुर गांव में कृषक गोष्ठी एवं मधुमक्खी पालन का सात दिवसीय प्रशिक्षण सत्र प्रारंभ किया गया।
प्रशिक्षण सत्र का उद्घाटन उद्यान विभाग के मंडलीय उपनिदेशक उद्यान जय करण सिंह ने किया। इस मौके पर उद्यान विभाग के मंडलीय उपनिदेशक उद्यान जय करण सिंह ने कहा कि मधुमक्खी पालन से शहद उत्पादन के साथ साथ मोम उत्पादन तथा इससे जुड़े अन्य उत्पाद की बिक्री से आय बढेगी।
चयनित एक विशेष फसल के क्लस्टर क्षेत्र विस्तार,उत्पादन बढ़ाने के अतिरिक्त फूलों के उत्पादन को बढ़ाने ,खाद्य संस्करण उद्योगों को प्रारंभ करने की जरूरत है। आम और आलू के उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम है।
प्रशिक्षण के तकनीकी सत्र में कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि कृषि और उद्यान फसलों के साथ साथ पशुपालन, मछली पालन की कड़ी में अब मधुमक्खी पालन भी आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी।
कृषि विपणन विभाग मऊ के प्रतिनिधि भीमराव ने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा, खेत खलिहान अग्निकांड सहायता योजना तथा ई- नाम पोर्टल से विपणन के बारे में विस्तार से बताया।
कृषि विज्ञान केंद्र की खाद्य प्रसंस्करण वैज्ञानिक डॉ आकांक्षा सिंह ने शहद के प्रसंस्करण, शहद की पौष्टिकता के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला।
मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण के विशेषज्ञ एवं आयोजक संस्था ग्रामधारा, चौबेपुर वाराणसी के निदेशक रोहित आनंद पाठक ने बताया कि उनके द्वारा बीस मधुमक्खी बॉक्स से कार्य प्रारंभ कर वर्तमान में 750 से अधिक मधुमक्खी बॉक्स में शहद उत्पादन किया जा रहा है।
ग्राम सुल्तानीपुर के प्रगतिशील किसान रविशंकर ने मौके पर किए जा रहे मछली पालन और पशुपालन को किसानों को दिखाया गया। कार्यक्रम में उद्यान निरीक्षक अरुण कुमार यादव, मिथिलेश कुमार सिंह, ब्लॉक प्रभारी चंद्रभान राम, सुनील कुमार गुप्त,राजकुमार, मोहित आनंद पाठक आदि शामिल थे।