सरयू नदी के कटान में विलीन हो चुके गौरीशंकर और जानकी घाट की सुध शासन ने ली है। कैबिनेट मंत्री एके शर्मा की पहल पर शासन से वंदन योजना के तहत दोनों स्थलों के सौंदर्यीकरण के लिए चार करोड़ की धनराशि स्वीकृति की गई है।
शासन से हरी झंडी मिलते ही नगर पंचायत जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराएगी। दोहरीघाट कस्बे के गौरीशंकर घाट सरयू नदी के रौद्र रूप से गहरी खाई बन गई है।
यहां प्रतिदिन हजारों शवयात्री स्नान करते है। लेकिन घाट जीर्ण शीर्ण होने से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब जल्द ही इस समस्या से निजात मिल जाएगी। शासन से वंदन योजना के तहत दो करोड़ धनराशि कायाकल्प के लिए स्वीकृत हुए है।
इस धनराशि से गौरीशंकर घाट का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। यहां पक्का घाट सहित अन्य कार्य होंगे। साथ ही सरयू नदी की कटान से बचाए गए गौरीशंकर शिव मंदिर का भी कायाकल्प किया जाएगा।
मंदिर परिसर में इंटरलॉकिंग, प्रकाश आदि से सुव्यवस्थित किया जाएगा।बताते चले कि गौरीशंकर घाट, जानकीघाट समेत कई धार्मिक, राजनीतिक और ऐतिहासिक धरोहरें अपना अस्तित्व खो चुकी हैं।
प्राचीन मंदिर, रामायण भवन, सत्संग भवन, श्मशान घाट का विश्राम कक्ष का अस्तित्व समाप्त हो चुका है, जबकि कई घाट भी नदी की धारा में विलीन हो चुके है।
वर्तमान समय में इन घाटों की स्थिति जीर्ण-शीर्ण हो गई है, जबकि डाला छठ सहित विशेष आयोजनों में लोगों की भारी भीड़ उमड़ती है। इन घाटों की सौंदर्यीकरण की मांग काफी लंबे समय से चल रही थी।
जानकी घाट पर बनेगा कॉरिडोर
कस्बा के जानकी घाट का भी कायाकल्प होगा। श्री दुर्गा मंदिर जानकी घाट निर्माण एवं संरक्षण के लिए शासन से दो करोड़ की धनराशि स्वीकृत हुई है। इस धनराशि से श्री दुर्गा मंदिर से जानकी घाट तक कॉरिडोर बनाया जाएगा। साथ ही ग्रीन स्पेस का भी निर्माण कार्य होगा।वहीं सबसे बड़े रामघाट पर पक्के घाट का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। कार्यदाई संस्था द्वारा लगभग 60 फीसदी कार्य को पूरा कर लिया गया है।
गौरीशंकर जानकी घाट के कायाकल्प का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। इसको लेकर शासन से चार करोड़ की धनराशि स्वीकृत हुई है। बजट मिलते ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
- मनोज कुमार, ईओ दोहरीघाट नपं।