वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दो दिवसीय विश्वविद्यालयीय रोवर्स रेंजर्स समागम के समापन अवसर पर प्रतिभागी छात्राओं ने मेजबान पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए अपना सम्मान लेने से इंकार कर दिया।
उन्होंने मुख्य अतिथि पूर्वांचल विवि के कुलपति पीयूष रंजन अग्रवाल के सामने विरोध जताते हुए पुरस्कारों में पक्षपात सहित अन्य शिकायतें भी कीं।
इसके बाद कुलपति बिना पुरस्कार वितरण किए ही समारोह को बीच में छोड़कर वापस लौट गए। विरोध करनेवाली टीमों में गाजीपुर पीजी कॉलेज के साथ साथ दो अन्य महाविद्यालय की छात्राएं शामिल थीं।
उनका कहना था कि सभी प्रतियोगिताओं में केवल डीसीएसके पीजी कॉलेज को ही प्रथम या द्वितीय पुरस्कार दिया जा रहा है। जबकि अन्य टीमों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया था।
डीसीएसके पीजी कॉलेज में चल रहे पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दो दिवसीय रोवर्स रेंजर्स समागम का समापन बुधवार को होना था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति डा.पीयूष रंजन अग्रवाल थे।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सभी टीमों की टेंट सज्जा का अवलोकन किया। इसके बाद टीमों को पुरस्कृत करने का कार्यक्रम शुरू हुआ। इस दौरान गाजीपुर पीजी कॉलेज तथा दो अन्य महाविद्यालय की छात्राओं ने पुरस्कार के निर्णय में पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए विरोध कर दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सभी प्रतियोगिताओं में केवल डीसीएसके पीजी कॉलेज को ही प्रथम या द्वितीय पुरस्कार दिया जा रहा है। जबकि अन्य टीमों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया था।
छात्राओं के विरोध के बाद पुरस्कार वितरण को बीच में ही रोककर ध्वज विराम और राष्ट्रगान के बाद कार्यक्रम को समाप्त कर दिया गया। कई छात्राआें ने मिल चुके अपने पुरस्कारों को भी लौटा दिया।
तमाम छात्राओं ने समय से भोजन न मिलने का भी आरोप लगाया। पूछने पर पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पीयूष रंजन अग्रवाल ने कहा कि इस सवाल का जवाब डीसीएसके पीजी कॉलेज के प्राचार्य देंगे।
डीसीएसके पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. शिवशंकर सिंह ने बताया कि छात्राओं के आरोप बेबुनियाद हैं। अच्छा प्रदर्शन करनेवाली टीमों को पुरस्कार मिला। कोई पक्षपात नहीं किया गया।