मऊ। शासन की तरफ से जिले के परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के लिए ड्रेस, जूता, मोजा आदि के लिए डीबीटी के माध्यम से अभिभावकों के खाते में धन भेजा गया है। लेकिन ज्यादातर अभिभावकों ने खरीदारी नहीं की है। बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से प्रत्येक बीआरसी के सभागार में दो दिवसीय कार्यशाला के माध्यम से अभिभावकों को जागरूक करेगा।
जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 1.76 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। सरकार की तरफ से बच्चों को निशुल्क दो सेट यूनिफार्म, स्वेटर, जूता मोजा, बैग के लिए अभिभावकों के खाते में डीबीटी के माध्यम से पहले चरण में एक लाख छह हजार 566 बच्चों के अभिभावकों के खाते में 1100-1100 रुपया भेजा गया है। जबकि दूसरे चरण में भेजने की प्रक्रिया चल रही है। जबकि 14556 अभिभावकों के खाते में तकनीकी वजह से नहीं पहुंचा है। विभागीय अभिलेखों मेें नान फीडेड बता रहा है।
विभाग से तकनीकी खामी को दुरुस्त करने का काम चल रहा है। खाता में धन आ जाने के बाद भी अधिकांश अभिभावकों ने सरकारी धन से ड्रेस सहित अन्य सामग्री नही खरीदा है। विभाग की तरफ से सात दिसंबर तथा आठ दिसंबर को दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित कर अभिभावकों को जागरुक करेगा। विभाग की तरफ से सात दिसंबर को परदहां, कोपागंज, रतनपुरा, घोसी बड़रांव बीआरसी पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में प्रधानाध्यापक, विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष, खंड शिक्षा अधिकारी, ग्राम प्रधान शामिल होंगे।जबकि आठ दिसंबर को रानीपुर, मुहम्मदाबादगोहना, दोहरीघाट, फतहपुर मंडाव, नगर बीआरसी पर कार्यशाला का आयोजन होगा।
बीएसए डॉ. संतोष कुमार सिंह ने बताया कि कार्यशाला में अभिभावकों को जागरुक करने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। प्रथम चरण में डीबीटी के तहत बच्चों के अभिभावकों के खाते में धन भेजने की प्रक्रिया कर ली गई है। दो दिवसीय कार्यशाला के माध्यम से अभिभावकों को जागरुक करने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है।