राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दौरान नगर क्षेत्र के बैंक आफ इंडिया पर मांगों को लेकर प्रदर्शन करते बैंककर्मी।
छोटे बैंकों के विलय के मुद्दे पर बैंक कर्मचारियों द्वारा शुक्रवार को की गई हड़ताल का असर जिले में देखने को मिला। इस दौरान करीब अस्सी करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ, वहीं उपभोक्ता काफी परेशान दिखे। दूसरी तरफ मांगों के बाबत हड़ताल पर जाने वाले बैंक कर्मचारी शुक्रवार को सहादतपुरा स्थित बैंक आफ इंडिया के प्रांगण में एकत्र हुए। यहां पर प्रदर्शन करने के बाद वे जनसभा किए।
बैंक कर्मचारी यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के नेतृत्व में हड़ताल किए। इस दौरान जनसभा का नेतृत्व भी इसी संगठन के पदाधिकारियों ने किया। आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए जिला मंत्री कामरेड रामअवतार सिंह ने कहा कि बड़े पूंजीपतियों द्वारा जानबुझकर कर्ज की अदायगी नहीं की जा रही। इसका परिणाम है कि बैंक संकट में है। संगठन के पदाधिकारी ने सरकार से निवेदन किया कि बैंकों को बंद करने की बजाय उसकी नियमावली में सुधार किया जाए।
साथ ही ऋण अदायगी के लिए सख्त कदम उठाया जाए। पीएनबी स्टाफ एसोसिएशन के जिला मंत्री कामरेड विक्रम राम ने कहा कि मंदी के प्रभाव से देश के बैंकों को बचाने के लिए सरकारी बैंकों की भूमिका को याद करने की जरूरत है। ना कि उसके विलय करने की प्रक्रिया पर ध्यान देने की जरूरत है। संगठन मंत्री कामरेड नरेंद्र सिंह ने कहा कि विलय की कार्रवाई किए जाने की दशा में आगामी दो सितंबर 2016 को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी औद्योगिक हड़ताल में बैंक कर्मी पूरे जोश से शामिल होंगे।
एटक के जिला मंत्री कामरेड सूर्य देव पांडेय ने ट्रेड यूनियन के अधिकारों पर बढ़ते हमलों, बढ़ती महंगाई, सामाजिक सुरक्षा के अभाव में त्रस्त असंगठित मजदूरों को न्याय देने में आनाकनी के विरुद्घ संघर्ष तेज करने का आह्वान किया। सभा में स्वायत शासन कर्मचारी संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष प्रमोद राय, कामरेड इनायल हुसैन, मनोज कुमार राय, सोनू गुप्ता, जामवंत मौर्या, कामरेड प्रकाश कुमार, सुभाष राम, रामबदन यादव आदि लोग शामिल रहे।