गरीबों को दो रुपये किलो राशन देने की योजना गरीबों के लिए क्या बनी इस लाइन में चेयरमैन से पेट्रोलपंप संचालक तक लाइन में लग गए। यही नहीं सरकारी कर्मचारी भी इस लाइन में पीछे नहीं है। बार-बार शिकायत के बाद सत्यापन भी कराया गया लेकिन सूची में दर्ज नाम राजनीतिक प्रभाव या किंही कारणों से हट नहीं सके। अब जब कि सूची फाइनल होकर आ चुकी है तो लोग भौचक हैं कि इस सूची में किस आधार पर आखिर चेयरमैन के परिवार एवं सरकारी नौकरी वालों का नाम आ गया।
अमिला नगर पंचायत में राशन कार्ड के सत्यापन का कार्य पूरा हो चुका है। वार्डवार इसके लिए कोटेदारों का भी पूर्व की भांति चयन कर सूची कोटेदारों को सौंप दी गई है। इस सूची में सरकारी नौकरी, चेयरमैन, पूर्व चेयरमैन से लेकर कई अपात्रों का नाम है। इस संबंध में क्रांतिकारी झारखंडेय राय यूथ बिग्रेड के अध्यक्ष विवेक राय ने कई बार अधिकारियों के शिकायत भी दर्ज कराई लेकिन अपात्रों का नाम नहीं हटाया गया। शिकायत के बाद भी नाम ना हटने पर फाइनल सूची में भी नाम देखकर वही नहीं नगर पंचायत के लोग दंग हैं। विवेक राय ने सूची दिखाते हुए बताया कि सूची में क्रम संख्या 13 कार्ड संख्या 119230001704 पर पूर्व चेयरमैन माधुरी सिंह का नाम अंकित है और इनका पात्रता श्रेणी का राशन कार्ड बना है।
क्रम संख्या 145 एवं कार्ड संख्या 119230084677 पर वर्तमान चेयरमैन राजाराम की पत्नी गुड्डी उर्फ गुड़िया का नाम अंकित है और इन्हें पात्रता सूची में रखा गया है। क्रम संख्या 48 कार्ड संख्या 119240011814 पर सुधीर राय का नाम अंकित है। इनके परिवार में पेट्रोल पंप संचालित है लेकिन इनका पात्र गृहस्थी राशन कार्ड बना है। यही नहीं सामान्य वर्ग होने के बावजूद इन्हें पिछड़े वर्ग का दर्शाया गया है। इसी प्रकार रामकृत सरकारी कर्मचारी हैं। इनके अलावा नगर पंचायत में सुुशीला देवी सहित कई सरकारी कर्मचारियों का नाम पात्रता सूची में हैं। कहा कि यह तो महज एक बानगी है। नगर पंचायत में सरकारी नौकरी, व्यापारी, बड़े कारोबारी, सभासद, पूर्व चेयरमैन, वर्तमान चेयरमैन आदि का राशन कार्ड पात्र गृहस्थी के सूची में बना है। शिकायत के बाद भी ऐसे लोगों पर ना तो कार्रवाई हो रही है और ना ही उनका नाम सूची से हट पा रहा है।