मऊ। शहर कोतवाली पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने गांजा तस्करी करने वाली गैंग का खुलासा करते हुए गैंग की सरगना महिला समेत तीन को 30 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार की है। शनिवार देर शाम कासिम पोखरी के पास से तीनों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके पास से तीन लाख का गांजा जब्त किया है। रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीओ सिटी अंजनी कुमार पांडेय ने बताया कि गैंग लीडर महिला कुछ माह पहले ही गांजा तस्करी के मामले से जमानत पर बाहर आई है, पति पहले से जेल में है। जेल से निकलते ही महिला ने नया गैंग बनाई असम से गांजे की खेप लाकर तस्करी करने लगी।
सीओ सिटी ने बताया कि आरोपी की पहचान बलिया जिले के कोतवाली आनंद नगर निवासी प्रियंका श्रीवास्तव पत्नी प्रियांशू श्रीवास्तव के रूप में हुई है। जबकि दो अन्य आरोपी असम के गोराईमंडी निवासी मिथुन सिंघा और उसकी भाभी बसंती पत्नी सुनिल सिंघा के रूप में हुई। बताया कि तीनों को संयुक्त टीम ने कासिम पोखरी रेलवे ट्रैक के पास से शनिवार रात 9:30 बजे गिरफ्तार किया है। प्रियंका श्रीवास्तव गैंग की लीडर है, जो कि पूर्व में भी तस्करी के मामले में पकड़ी जा चुकी है, जेल से कुछ माह की सजा काटने के बाद वह बाहर आने के बाद दुबारा नए सिरे से गैंग बनाई। असम से गांजे की खेप मंगाकर तस्करी करने लगे। बताया कि प्रियंका श्रीवास्तव का पति प्रियांशू श्रीवास्तव इन दिनों तस्करी के मामले में जेल में बंद है।
टूरिस्ट बनकर लगेज ट्रॉली से लाती थी गांजा
पुलिस ने बताया कि प्रियंका गांजा की तस्करी को अंजाम देने के लिए टूरिस्ट यात्री बनकर लगेज ट्रॉली में गांजे की खेप छुपाकर लाती थी। पकड़े गए आरोपी में दूसरी महिला और युवक आपस में देवर भाभी हैं।