मऊ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार सिन्हा ने हत्या कर साक्ष्य मिटाने और युवती को बहला फुसला कर भगाने के अलग-अलग मामलो में दो आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दिया।
जिला जज ने यह आदेश बचाव पक्ष और डीजीसी फौजदारी राजेश कुमार सिंह राज के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद पारित किया ।पहला मामला कोतवाली घोसी क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार बड़ागांव निवासी राज मजूमदार पुत्र अरुण मजूमदार की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन है कि उसके पिता अरुण मजूमदार का अपहरण कर 29 नवंबर 2020 को हत्या कर दी गई, तथा शव को साक्ष्य मिटाने की नियत से फेंक दिया गया । मामले में आरोपी बडागांव निवासी सुजीत उर्फ संजीव गोड पुत्र मिथिलेश गौड़ की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। जिसे सुनवाई के बाद खारिज कर दिया। दूसरा मामला कोपागंज थाना क्षेत्र का है। वादी मुकदमा की लडकी को 11 नवंबर को बहला फुसलाकर भगा ले जाया गया। मामले मे आरोपी कसारा गांव निवासी रामबदन पुत्र लग्गन की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। जिसे सुनवाई के बाद खारिज कर दिया।