प्रदेश में पहले जॉबकार्ड धारकों को काम देने में शीर्ष पर रहने के बाद आजमगढ़ अब भुगतान करने में भी शीर्ष पर पहुंचा है। अभी तक आजमगढ़ ने 40.45 करोड़ का भुगतान कर दिया है।
वहीं पूर्वांचल का दूसरा जिला गाजीपुर तीसरे स्थान पर है। गाजीपुर ने कुल 30.33 करोड़ का भुगतान किया है। जिले में वीबीजी-रामजी के तहत श्रमिकों को भुगतान करने में अजमतगढ़ विकास खंड ने बाजी मार ली है।
पूर्वांचल में वाराणसी महज 3.35 करोड़ ही खर्च कर पाया है तो वहीं संत रविदास नगर 2.32 करोड़ पर ही अटका हुआ है। तो आजमगढ़ मंडल में बलिया जिले में 7.42 करोड़ खर्च हुए हैं, वहीं केवल अकेले अजमतगढ़ में 7.55 करोड़ रुपये का भुगतान हो गया है।
देश में वीबीजी-रामजी योजना एक जुलाई से लागू हुई थी। योजना के तहत काम पर एक से 20 जुलाई तक रोक थी। इसके बावजूद ब्लाॅक प्रशासन के सहयोग से ग्राम पंचायतें काम कराना शुरू कर दीं।
अगस्त में हुई मूसलाधार बारिश के बीच कागज पर काम कराए गए। प्रतिदिन 24 हजार मजदूरों की हाजिरी लगाई गई। जिले में ठेकमा, अजमतगढ़, सठियांव, जहानागंज, मेंहनगर, पवई आदि ब्लाॅक में अगस्त व सितंबर महीने में सभी पोखरे पानी से लबालब भरे थे।
इधर, ब्लाॅक प्रशासन कागजों में इन पोखरों की खोदाई कराता रहा। प्रदेश में वीबीजी-रामजी के तहत भुगतान करने के मामले में आजमगढ़ शीर्ष पायदान पर है, पर आजमगढ़ मंडल की बात करें तो मऊ ने बलिया जिले को भी पीछे छोड़ दिया है।
अभी तक बलिया में महज 7.42 करोड़ का भुगतान हो पाया है तो वहीं मऊ 11.39 लाख रुपये खर्च कर चुका है।