कोपागंज (मऊ)। बिजली विभाग बकाया राशि पर तुरंत उपभोक्ताओं का कनेक्शन काटने की कारवाई तो कर रहा है। लेकिन उपभोक्ताओं की समस्या का निस्तारण में उसकी कोई दिलचस्पी नहीं है। इसका जीता जागता उदाहरण कोपागंज तथा वलीदपुर नगर पंचायत के दो वार्डों में बांस-बल्ली के सहारे हो रही बिजली आपूर्ति व्यवस्था है।
बांस-बल्ली पर बेहद कम ऊचाई पर झूलते बिजली के तारों से हादसे की आशंका को लेकर कई बार संबंधित क्षेत्रवासियों ने बिजली विभाग से इस समस्या का निदान की मांग को लेकर लिखित तथा मौखिक शिकायत दर्ज करा चुके है। बावजूद इसके विभागीय अफसर इसे दूर करने को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।
कोपागंज नगर पंचायत के पूर्व कोपाकोहना तथा हिकमा गाढ़ा में बीते कई वर्षों से बांस-बल्ली के सहारे 1200 से ज्यादा घरों में बिजली आपूर्ति की जा रही है। बांस-बल्ली के सहारे संचालित बिजली आपूर्ति व्यवस्था की वर्तमान स्थिति यह है कि आए दिन कोई न कोई बांस-बल्ली टूटने से पूर्ति ठप होती है। वहीं हादसे होने की आशंका भी बनी रहती है। इसके बाद फिर रहवासी खुद ही क्षतिग्रस्त खंभे को हटाकर दूसरा बांस-बल्ली लगाकर व्यवस्था को दुरुस्त कराते हैं।
ऐसा नहीं है इस समस्या से बिजली विभाग के अधिकारी अवगत नहीं है। इस समस्या को दूर करने को लेकर कई बार लोगों ने लिखित तथा मौखिक शिकायत कर चुके है। लेकिन हर बार आश्वासन तो मिलता है लेकिन इस समस्या को दूर नहीं किया जाता है। समस्या के संबंध में हिकमा गाढ़ा निवासी सरफराज, एहसान तथा एकलाख तथा कोपाकोहना निवासी रामानंद, हरीशचंद्र ने बताया कि विभाग को वर्तमान मे बकाया राशि को वसूल करने के लिए अभियान तो चलाया जा रहा है। जिसमें बकाया राशि पर तत्काल उपभोक्ताओं का कनेक्शन काटने की कारवाई की जा रही है। इस बाबत एक्सईएन दुर्गविजय सिंह का कहना है कि उनके संज्ञान में यह मामला नहीं है। जल्द ही वो दोनों क्षेत्रों का सर्वे कर समस्या का निदान का प्रयास करेंगे।
नीचे झूलते तारों से होते हैं हादसे
बिजली विभाग की लापरवाही से केवल आपूर्ति बाधित हीं नहीं होती है बल्कि यह जानलेवा भी साबित होती है। दरअसल विभाग द्वारा जर्जर तारों तथा नीचे लटके तारों की समस्या को दूर नहीं किया जाता है। इसका खमियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है। बीते 27 अक्तूबर को मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली के बरडीहा गांव में नीचे लटके हाईटेंशन तार की चपेट में आने से धान का बोझा लेकर जा रहे किसान लालू चौहान 24 पुत्र प्रभुनाथ की चपेट में आने से मौत हो गई थी। जबकि किसी अनहेनी घटना को लेकर समस्या के संबंध में ग्रामीणों ने कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया था। बावजूद अधिकारियों ने इस समस्या को दूर करने में रूची नहीं दिखाया।