नगर के भीटी स्थित ओवरब्रिज के पास छठ पूजा के दौरान उमड़ा आस्था का सैलाब।
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कांचहि बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाए... बहंगी घाटे पहुंचाय। डाला छठ पर्व पर कुछ ऐसी ही गीतों से तमसा तट और पोखरे गूंजते रहे। इस मौके पर अपने परिवार की सुख शांति और संपन्नता के अलावा पुत्र प्राप्ति की कामना को लेकर निर्जला व्रत रखने वाली महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। इसके लिए फूल और अन्य पूजन सामग्रियों के साथ महिलाएं परंपरागत रूप से गाजे बाजे के साथ छठ माता के गीत गाते हुए अपने घरों से निकलीं।
नदी और पोखरों के घाटों पर पूरी तरह मेले जैसा दृश्य नजर आया। इस बीच खासतौर से तमसा, सरयू तट पर श्रद्घालु महिलाओं की अपार भीड़ उमड़ी। छठ पूजा बुधवार की सुबह उगते सूर्य को होने वाले अर्घ्य के साथ पूरी होगी। इसके साथ ही महिलाएं अपने व्रत का पारण करेंगी। मंगलवार को व्रती महिलाओं ने छठ पूजा के लिए सूप और डलियां लेकर पूजा सामग्री और फलों आदि सजाकर घाटों पर गईं, जहां उन्होंने परंपरा निभाई।
यही वजह था कि खास तौर से नगर क्षेत्र के तमसा तट पर स्थित हनुमानघाट, ढेकुलियाघाट और रामघाट, बमघाट, मड़ैयाघाट, सत्तीघाट, नागा बाबा की कुटी पर महिलाओं की भारी भीड़ देखी गई। इसके अलावा नगर क्षेत्र के ब्रह्मस्थान पोखरा, शीतला माता धाम, वनदेवी धाम स्थित पोखरा पर भी भारी संख्या में जुटी महिलाओं ने भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया। छठ पर्व के मद्देनजर सुबह से ही बाजारों में खरीदारी होने से गहमागहमी रही।