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परीक्षा केंद्रों पर सुविधाओं का देना होगा प्रमाणपत्र

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मऊ। उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षा के लिए 151 परीक्षा केंद्रों की फाइनल सूची जारी होने के बाद अब जिलास्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली जनपदीय परीक्षा समिति ने तैयारी तेज कर दी है। इसके तहत, केंद्र व्यवस्थापकों से उनके यहां के केंद्रों पर उपलब्ध संसाधनों का ब्यौरा मांगा गया है। केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा केंद्र पर बिजली, पानी, बैठने की व्यवस्था सहित अन्य संसाधनों के पूरा होने का प्रमाणपत्र देना होगा। इसके लिए, उन्हें 14 नवंबर तक का समय दिया गया है। परीक्षा केंद्रों के मामले में अब तक 55 आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं।
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यूपी बोर्ड परीक्षा को नकल विहीन संपन्न कराने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद की तरफ से 151 परीक्षा केंद्रों की सूची जारी कर दी गई है। बोर्ड परीक्षा सात फरवरी से शुरू होगी। परीक्षा में इस वर्ष 106685 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा केंद्रों के मामले में 12 नवंबर तक आपत्तियां मांगी गई थीं। सोमवार तक 55 आपत्तियां दर्ज कराई जा चुकी थी। अधिकांश आपत्तियां परीक्षा केंद्र न बनाए जाने, परीक्षा केंद्र दूर बनाए जाने और मानक को ताक पर रखकर परीक्षा केंद्र को लेकर आई हैं। आपत्तियों पर नजर डाला जाए तो चिरैयाकोट कस्बा में छह परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जबकि कई परीक्षा केंद्र सुदूर इलाकों में बना दिए गए हैं। कई मानक को ताक पर रखकर बनाया गया है।
सूत्रों की माने तो जनपदीय परीक्षा समिति भी परीक्षा केंद्रों की गोपनीय तरीके से जांच कराएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. केसी भारती ने केंद्र व्यवस्थापकों से परीक्षा केंद्र पर बैठने की व्यवस्था, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, वायस रिकार्डर के साथ सीसीटीवी कैमरा, चहारदीवारी सहित आठ बिंदुओं पर 14 नवंबर तक प्रमाणपत्र देना होगा। रिपोर्ट को जिला प्रशासन को भेजा जाएगा। इसके बाद जनपदीय परीक्षा समिति केंद्रों का भौतिक सत्यापन करेगी।
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परीक्षा केंद्रों का निर्धारण बोर्ड से हुआ है। 14 नवंबर तक सभी केंद्र व्यवस्थापकों को संसाधनों के पूरा होने का प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। इसके बाद जनपदीय परीक्षा समिति परीक्षा केंद्रों का भौतिक सत्यापन करेगी।
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- डॉ. केसी भारती, जिला विद्यालय निरीक्षक

केंद्र व्यवस्थापकों को इन बिंदुओं पर देना होगा प्रमाण पत्र
सभी कक्षों में वायस रिकार्डर के साथ सीसी कैमरा हो।
कमरों में पर्याप्त रोशनी हो, सीलन न हो।
फर्श सीमेेंट का हो, केवल ईंट का न हो।
बेंच टूटी फूटी न हो और छत दीवारें क्रेक न हो।
केंद्र पर परीक्षार्थियों के लिए आरओयुक्त पानी की सुविधा।
छात्र छात्राओं के लिए अलग-अलग टायलेट की सुविधा।
विद्यालय आवासीय न हो, चहारदीवारी हो।
विद्युत व्यवस्था सही हो और तार जर्जर न हो।
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